Last Updated Jan - 17 - 2026, 04:27 PM | Source : Fela News
OpenAI ने ChatGPT के Free और Go प्लान में विज्ञापन टेस्टिंग का ऐलान किया। कंपनी ने साफ किया, जवाब और यूजर प्राइवेसी पर असर नहीं पड़ेगा।
अगर आप ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले समय में आपको एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। OpenAI ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि ChatGPT के Free और नए Go प्लान में विज्ञापनों (Ads) की टेस्टिंग शुरू की जाएगी। इस फैसले की जानकारी खुद OpenAI के सीईओ Sam Altman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए दी।
सैम ऑल्टमैन ने अपने बयान में साफ किया कि यह बदलाव यूजर एक्सपीरियंस को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग AI का इस्तेमाल कर सकें, लेकिन हर यूजर सब्सक्रिप्शन के लिए पैसे देने को तैयार नहीं होता। ऐसे में विज्ञापन एक वैकल्पिक बिजनेस मॉडल हो सकते हैं, जिससे ChatGPT को फ्री या कम कीमत पर उपलब्ध रखा जा सके।
Free और Go प्लान में क्यों आ रहे Ads?
OpenAI के मुताबिक, ChatGPT का नया Go प्लान 8 डॉलर प्रति माह की कीमत पर पेश किया गया है, जो Plus प्लान से सस्ता विकल्प है। Free और Go यूजर्स की संख्या काफी ज्यादा है और इन्हीं यूजर्स के लिए विज्ञापनों की टेस्टिंग की जाएगी। कंपनी का मानना है कि इससे AI सर्विस को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सकेगा, बिना यूजर्स पर सीधा भुगतान का दबाव डाले।
जवाबों पर नहीं पड़ेगा विज्ञापनों का असर
सबसे अहम बात यह है कि OpenAI ने साफ शब्दों में कहा है कि ChatGPT के जवाब विज्ञापनों से प्रभावित नहीं होंगे। कोई भी ब्रांड या कंपनी पैसे देकर जवाबों को अपने पक्ष में नहीं बदलवा सकेगी। Ads और AI के जवाब पूरी तरह अलग रहेंगे और उन्हें स्पष्ट रूप से लेबल किया जाएगा, ताकि यूजर्स को फर्क साफ नजर आए।
यूजर प्राइवेसी पर कोई समझौता नहीं
विज्ञापनों को लेकर यूजर्स की सबसे बड़ी चिंता प्राइवेसी होती है। इस पर OpenAI ने भरोसा दिलाया है कि ChatGPT की चैट्स विज्ञापन देने वाली कंपनियों के साथ साझा नहीं की जाएंगी। यूजर की बातचीत पूरी तरह निजी रहेगी और डेटा को बेचने या थर्ड पार्टी को देने का सवाल ही नहीं उठता। कंपनी का कहना है कि एड सिस्टम इस तरह डिजाइन किया जाएगा, जिससे यूजर की पहचान और निजी जानकारी सुरक्षित रहे।
भविष्य में क्या बदल सकता है?
फिलहाल यह सिर्फ टेस्टिंग फेज है। OpenAI इस दौरान यूजर फीडबैक पर नजर रखेगा और देखेगा कि विज्ञापन कितने उपयोगी और स्वीकार्य हैं। अगर मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में ChatGPT का फ्री वर्जन ज्यादा मजबूत और ज्यादा लोगों तक पहुंचने वाला बन सकता है।
कुल मिलाकर, OpenAI का यह कदम AI को सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयोग माना जा रहा है, जिसमें संतुलन बनाने की कोशिश है— कमाई और यूजर भरोसे के बीच।
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