Last Updated Feb - 23 - 2026, 06:26 PM | Source : Fela News
गूगल प्ले स्टोर की दो AI ऐप्स से करोड़ों फाइल्स लीक होने का मामला सामने आया है. लाखों यूजर्स की तस्वीरें, वीडियो और KYC डेटा खतरे में बताया जा रहा है.
डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप्स अब सुविधा के साथ-साथ खतरे की घंटी भी बजा रही हैं. हाल ही में सामने आए एक बड़े डेटा लीक ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हर ऐप वाकई सुरक्षित है? सिक्योरिटी रिसर्चर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो लोकप्रिय AI ऐप्स से लाखों यूजर्स का संवेदनशील डेटा लीक हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है.
रिपोर्ट में बताया गया कि "Video Al Art Generator & Maker" नाम की एक ऐप, जिसे 5 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था, से भारी मात्रा में यूजर डेटा सार्वजनिक रूप से एक्सपोज हो गया. इस ऐप पर 11,000 से अधिक रिव्यू मौजूद थे और यह तेजी से लोकप्रिय हो रही थी. लेकिन जांच में सामने आया कि करीब 15 लाख यूजर इमेज, 3.95 लाख वीडियो और लाखों AI जनरेटेड फाइल्स अनधिकृत रूप से एक्सेस की जा सकती थीं.
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, गूगल क्लाउड स्टोरेज में एक मिसकॉन्फिगर्ड स्टोरेज बकेट के कारण यह डेटा सुरक्षित नहीं रहा. इसी वजह से 13 जून 2023 को लॉन्च हुई इस ऐप के जरिए करीब 12TB डेटा, यानी लगभग 82 लाख फाइल्स लीक हो गईं. मामला सामने आने के बाद यह ऐप प्ले स्टोर पर सर्च करने पर दिखाई नहीं दे रही है.
चिंता की बात यह भी है कि उसी डेवलपर की दूसरी ऐप “IDMerit" से भी KYC डेटा लीक होने की जानकारी सामने आई है. KYC डेटा में पहचान पत्र, पता, फोन नंबर और अन्य संवेदनशील दस्तावेज शामिल होते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, चीन और ब्राजील जैसे देशों के लाखों यूजर्स इससे प्रभावित हो सकते हैं. इन दोनों ऐप्स को Codeway नाम के डेवलपर ने विकसित किया था. हालांकि बाद में दावा किया गया कि एक्सेस को सुरक्षित कर लिया गया है, लेकिन यह घटना सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर करती है.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं यूजर्स को सतर्क रहने का संकेत देती हैं. किसी भी AI एडिटिंग या KYC वेरिफिकेशन ऐप को डाउनलोड करने से पहले डेवलपर की विश्वसनीयता जरूर जांचें. ऐप की रेटिंग, रिव्यू और डाउनलोड संख्या देखने के साथ-साथ उसकी परमिशन लिस्ट भी पढ़ें. यदि कोई ऐप जरूरत से ज्यादा एक्सेस मांगती है, तो सावधान हो जाना चाहिए.
इसके अलावा, नियमित रूप से पासवर्ड बदलना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्रिय रखना और संवेदनशील दस्तावेज सिर्फ भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही अपलोड करना बेहतर सुरक्षा उपाय हैं. डिजिटल सुविधाएं जितनी बढ़ रही हैं, उतनी ही जिम्मेदारी भी यूजर्स पर आती है कि वे अपने डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दें.
AI तकनीक भविष्य का हिस्सा है, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा की चुनौतियां भी जुड़ी हैं. इसलिए समझदारी और सतर्कता ही डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने का सबसे मजबूत हथियार है.
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