Last Updated Feb - 16 - 2026, 05:28 PM | Source : Fela News
भारत में ChatGPT के वीकली एक्टिव यूजर्स 10 करोड़ पार कर गए हैं. जेमिनी, परप्लेक्सिटी और अन्य चैटबॉट्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे AI प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई
भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि ChatGPT के वीकली एक्टिव यूजर्स की संख्या भारत में 10 करोड़ से अधिक हो चुकी है. OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत अब अमेरिका के बाद ChatGPT के लिए दूसरी सबसे बड़ी मार्केट बन गया है. यह आंकड़ा न सिर्फ AI की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत तकनीकी अपनाने में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है.
भारत में AI चैटबॉट्स का तेजी से बढ़ता उपयोग कई कारणों से हो रहा है. छात्रों से लेकर प्रोफेशनल्स और बिजनेस तक, हर वर्ग के लोग ChatGPT का इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, कंटेंट क्रिएशन, कोडिंग और दैनिक कामों के लिए कर रहे हैं. आसान भाषा में जवाब देने की क्षमता और मुफ्त उपलब्धता ने इसे आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है. यही वजह है कि ChatGPT भारत में डिजिटल टूल के रूप में तेजी से फैल रहा है.
हालांकि, ChatGPT अकेला नहीं है जो इस दौड़ में आगे बढ़ रहा है. Google का Al चैटबॉट Gemini भी भारत में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में Gemini के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या लगभग 10.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है. Google के सर्च, Gmail और Android जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ गहरे इंटीग्रेशन के कारण Gemini को तेजी से नए यूजर्स मिल रहे हैं. इससे AI की प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो गई है.
इसके अलावा Perplexity Al भी भारत में लोकप्रिय हो रहा है. यह चैटबॉट खासतौर पर रिसर्च और स्टडी से जुड़े कामों के लिए उपयोग किया जाता है. भारत में इसके लगभग 2 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स हैं. Perplexity का फोकस सटीक और स्रोत-आधारित जवाब देने पर है, जिससे यह छात्रों और शोधकर्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
Elon Musk की कंपनी xAI द्वारा विकसित Grok चैटबॉट भी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल है. हालांकि, भारत में इसके यूजर्स की संख्या अभी सीमित है और लगभग 50 लाख मंथली यूजर्स तक ही पहुंच पाई है. इसका मुख्य कारण यह है कि Grok फिलहाल X (पूर्व में Twitter) प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ है, जिससे इसका उपयोग सीमित यूजर्स तक ही रह गया है.
चीन का DeepSeek चैटबॉट भी कुछ समय पहले चर्चा में था, लेकिन भारत में इसकी लोकप्रियता धीरे-धीरे कम हो गई है. वर्तमान में इसके मंथly एक्टिव यूजर्स की संख्या 50 लाख से भी कम बताई जा रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का बड़ा इंटरनेट यूजर बेस, युवा आबादी और तेजी से बढ़ता डिजिटल इकोसिस्टम Al के विकास के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करता है. आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ AI टूल्स का बड़ा उपभोक्ता बनेगा, बल्कि इनोवेशन और डेवलपमेंट में भी अहम भूमिका निभा सकता है.
कुल मिलाकर, ChatGPT के 10 करोड़ यूजर्स का आंकड़ा पार करना भारत के AI भविष्य का संकेत है. यह साफ दर्शाता है कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI क्रांति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है.
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