Last Updated Feb - 19 - 2026, 06:10 PM | Source : Fela News
रिलायंस और जियो अगले सात वर्षों में AI पर 10 लाख करोड़ निवेश करेंगे. मुकेश अंबानी ने भारत को वैश्विक AI महाशक्ति बनाने का लक्ष्य और डिजिटल भविष्य का रोडमैप बताया.
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर तेजी से बढ़ रही प्रतिस्पर्धा के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है. उन्होंने बताया कि रिलायंस और जियो मिलकर अगले सात वर्षों में AI सेक्टर में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. यह निवेश न केवल कंपनी के लिए, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य के लिए भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
AI इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 में बोलते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि यह निवेश कोई प्रयोग या जोखिम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है. उनका मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास का मुख्य आधार बनेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि भारत 21वीं सदी में वैश्विक AI महाशक्ति के रूप में उभर सकता है.
मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल आबादी है. लगभग 1 अरब इंटरनेट यूजर्स और बेहद कम डेटा लागत के कारण भारत AI के विकास के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है. उन्होंने बताया कि भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हुआ है, जिससे तकनीकी विकास को नई गति मिली है.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया के सबसे मजबूत इकोसिस्टम में से एक बन चुका है. देश में 100,000 से ज्यादा स्टार्टअप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां मौजूद हैं. ये सभी AI और नई तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. रिलायंस का यह निवेश इन स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को और अधिक मजबूत करेगा.
मुकेश अंबानी ने AI विकास की सबसे बड़ी चुनौती के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि भारत में टैलेंट और इनोवेशन की कमी नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इसकी लागत है. रिलायंस का लक्ष्य AI तकनीक को अधिक सुलभ और सस्ता बनाना है, ताकि हर सेक्टर इसका लाभ उठा सके.
रिलायंस जियो पहले ही भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है. कंपनी ने 4G और 5G नेटवर्क के जरिए देश के दूरदराज इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाया है. अब AI में निवेश के जरिए रिलायंस हेल्थकेयर, एजुकेशन, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलना चाहता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी मैप पर और मजबूत बनाएगा. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी.
मुकेश अंबानी की यह घोषणा भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है. AI में यह बड़ा निवेश भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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