Last Updated Sep - 18 - 2025, 11:26 AM | Source : Fela News
स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, काम या मनोरंजन—हर चीज अब फोन से ही होने लगी है। शुरुआत में यह जरूरी लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आद
आज का दौर पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। सुबह आंख खुलते ही अलार्म से दिन शुरू होता है और रात को इंस्टाग्राम रील्स या यूट्यूब वीडियो देखते-देखते खत्म। स्मार्टफोन अब हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। पढ़ाई, काम या मनोरंजन—हर चीज फोन से ही होने लगी है। शुरुआत में यह जरूरी लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। कई लोग तो दिनभर फोन को एक पल के लिए भी नहीं छोड़ते—खाना खाते समय, चलते-फिरते, यहां तक कि टॉयलेट में भी फोन हाथ में रहता है। लेकिन यही आदत आपकी सेहत पर बुरा असर डाल रही है। स्मार्टफोन की लत शरीर, दिमाग और भावनाओं को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रही है। आइए जानते हैं, ज्यादा फोन इस्तेमाल से कौन-कौन सी बीमारियां और परेशानियां हो सकती हैं।
स्मार्टफोन की लत से होने वाली समस्याएं
1. हड्डियों और मांसपेशियों की परेशानी
लंबे समय तक झुककर फोन इस्तेमाल करने से गर्दन, पीठ और कंधे में दर्द होता है। इसे टेक नेक कहा जाता है। वहीं, लगातार टाइप करने से अंगूठों में खिंचाव और दर्द होने लगता है, जिसे टेक्स्टिंग थंब कहते हैं। अगर ध्यान न दिया जाए तो यह मांसपेशियों और हड्डियों की गंभीर बीमारी बन सकती है।
2. दिमागी स्वास्थ्य पर असर
सोशल मीडिया, गेम्स और वीडियो में लगातार समय बिताने से दिमाग थक जाता है। नींद कम होती है और धीरे-धीरे अकेलापन, उदासी और तनाव बढ़ने लगता है। बच्चों में यह लत पढ़ाई से ध्यान भटकने और गुस्से-चिड़चिड़ेपन का कारण बन रही है।
3. आंखों की समस्या
फोन की स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों को नुकसान पहुंचाती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, धुंधलापन और ड्राई आई की समस्या हो सकती है। रोशनी कम होने से चश्मे की जरूरत भी पड़ सकती है।
4. मोटापा और आलस
फोन चलाते-चलाते शरीर की एक्टिविटी कम हो जाती है। लंबे समय तक बैठे रहने से वजन बढ़ता है, ब्लड सर्कुलेशन गड़बड़ाता है और थकान महसूस होती है। धीरे-धीरे इससे मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।
5. नींद की गड़बड़ी
रात को देर तक फोन चलाने से दिमाग एक्टिव रहता है और नींद आने में दिक्कत होती है। नींद पूरी न होने पर दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में समस्या होती है। लंबे समय तक ऐसा करने से नींद की बीमारी (स्लीप डिसऑर्डर) हो सकती है।