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भारत में AI कंटेंट पर सख्त नियम लागू, बिना लेबल पोस्ट करना अपराध

भारत में AI कंटेंट पर सख्त नियम लागू, बिना लेबल पोस्ट करना अपराध

Last Updated Feb - 21 - 2026, 03:30 PM | Source : Fela News

भारत सरकार ने AI-जनरेटेड कंटेंट के लिए नए सख्त नियम लागू किए हैं। बिना लेबल या वॉटरमार्क पोस्ट करने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लग सकता है।
भारत में AI कंटेंट पर सख्त नियम लागू
भारत में AI कंटेंट पर सख्त नियम लागू

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। 20 फरवरी 2026 से AI-जनरेटेड कंटेंट को लेकर नए नियम आधिकारिक रूप से लागू कर दिए गए हैं। 

इन नियमों के तहत अब सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर AI से तैयार फोटो, वीडियो या ऑडियो पोस्ट करने से पहले स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति या प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 

ये बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा Information Technology (Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में संशोधन के तहत लागू किए गए हैं। सरकार का कहना है कि AI तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ डीपफेक, फर्जी वीडियो और गलत जानकारी का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे समाज में भ्रम और अस्थिरता पैदा हो सकती है। इसी खतरे को रोकने के लिए यह कदम जरूरी माना गया है। 

नए नियमों के अनुसार, Synthetically Generated Content (SGI) यानी ऐसा कंटेंट जो AI या कंप्यूटर तकनीक की मदद से इस तरह बनाया गया हो कि वह असली व्यक्ति, स्थान या घटना जैसा लगे, उसे स्पष्ट रूप से AI-जनरेटेड के रूप में पहचानना होगा। 

उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति का चेहरा AI से बदलकर वीडियो बनाया गया है या किसी की आवाज को AI से क्लोन किया गया है, तो उस कंटेंट पर लेबल लगाना जरूरी होगा। 

सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी है। 

अब प्लेटफॉर्म्स को ऐसे तकनीकी सिस्टम विकसित करने होंगे जो AI-जनरेटेड कंटेंट की पहचान कर सकें। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म्स को हर तीन महीने में यूजर्स को चेतावनी देना होगा कि Al का गलत इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अगर सरकार किसी कंटेंट को हटाने का निर्देश देती है, तो प्लेटफॉर्म को तीन घंटे के भीतर उसे हटाना अनिवार्य होगा। पहले यह समय सीमा 36 घंटे थी । 

कुछ मामलों में सरकार ने पूरी तरह से सख्ती दिखाई है। बच्चों से जुड़ा अश्लील कंटेंट, डीपफेक के जरिए किसी की छवि खराब करना, फर्जी दस्तावेज बनाना या हिंसा से जुड़ा AI कंटेंट पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में Indian Penal Code, IT Act 2000 और POCSO Act के तहत कार्रवाई की जा सकती है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने Al के खतरों पर चिंता जताई है और पारदर्शिता को जरूरी बताया है। सरकार का मानना है कि AI एक शक्तिशाली तकनीक है, लेकिन इसका जिम्मेदारी से उपयोग होना चाहिए। 

इन नए नियमों का उद्देश्य AI के सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देना और उसके दुरुपयोग को रोकना है। अब यूजर्स और कंपनियों दोनों के लिए जरूरी है कि वे AI-जनरेटेड कंटेंट पोस्ट करते समय नियमों का पालन करें, ताकि डिजिटल दुनिया सुरक्षित और भरोसेमंद बनी रहे। 

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