Last Updated Jan - 24 - 2026, 06:14 PM | Source : Fela News
WhatsApp ला रहा है नया Primary Controls फीचर, जिससे माता-पिता बच्चों के अकाउंट को लिंक कर सीमित फीचर्स, सुरक्षित चैटिंग और बेहतर ऑनलाइन सेफ्टी सुनिश्चित कर सकें
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच WhatsApp एक बड़ा और अहम कदम उठाने की तैयारी में है। कंपनी एक नए फीचर पर काम कर रही है, जिसे Primary Controls नाम दिया गया है। इस फीचर के जरिए माता-पिता अब बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल पर बेहतर निगरानी और नियंत्रण रख सकेंगे, बिना उनकी प्राइवेसी से पूरी तरह समझौता किए।
WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp इस फीचर के तहत ऐसा सिस्टम विकसित कर रहा है, जिसमें बच्चों का अकाउंट माता-पिता के अकाउंट से लिंक होगा। इसे Secondary WhatsApp Account कहा जाएगा। यह खासतौर पर उन बच्चों के लिए बनाया जाएगा, जो WhatsApp की न्यूनतम उम्र सीमा के करीब है या जिनके लिए सीमित एक्सेस जरूरी माना जाता है।
Primary Controls फीचर के जरिए माता-पिता अपने मुख्य WhatsApp अकाउंट से बच्चों के लिए अलग अकाउंट सेटअप कर पाएंगे। इस अकाउंट में बच्चों को केवल सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स से ही बातचीत करने की अनुमति होगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि बच्चे अनजान लोगों, संदिग्ध प्रोफाइल्स और संभावित ऑनलाइन खतरों से दूर रहेंगे।
इस फीचर को सेटअप करने की प्रक्रिया भी पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है। माता-पिता को बच्चे के अकाउंट को अपने अकाउंट से जोड़ने के लिए QR कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद एक 6-डिजिट का Primary PIN सेट करना अनिवार्य होगा। यह PIN किसी भी अहम सेटिंग में बदलाव करने के लिए जरूरी होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चा बिना माता-पिता की अनुमति कोई बड़ा बदलाव न कर पाए।
WhatsApp ने इस Secondary Account में कई फीचर्स को पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के अकाउंट में Updates टैब दिखाई नहीं देगा, यानी वे चैनल्स, ब्रॉडकास्ट और अन्य पब्लिक कंटेंट तक पहुंच नहीं बना पाएंगे। इसके अलावा Chat Lock जैसे फीचर भी उपलब्ध नहीं होंगे, ताकि बच्चे किसी बातचीत को छुपाकर न रख सकें।
हालांकि, WhatsApp ने इस बात पर खास जोर दिया है कि बच्चों की चैट और कॉल की प्राइवेसी बनी रहेगी। मैसेज और कॉल पहले की तरह end-to-end encryption से सुरक्षित रहेंगे। माता-पिता बच्चों की बातचीत को पढ़ नहीं पाएंगे, लेकिन उन्हें यह जानकारी जरूर मिलेगी कि नया कॉन्टैक्ट कब जोड़ा गया या अकाउंट की किसी अहम सेटिंग में बदलाव हुआ है।
यह सेकेंडरी अकाउंट तब तक पैरेंट अकाउंट से लिंक रहेगा, जब तक माता-पिता उसे मैन्युअली डिस्कनेक्ट न कर दें या बच्चा WhatsApp की तय उम्र पूरी न कर ले। उम्र पूरी होने के बाद इस अकाउंट को सामान्य WhatsApp अकाउंट में बदला जा सकेगा।
फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और बीटा टेस्टिंग के बाद इसे आम यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है। अगर यह फीचर लागू होता है, तो यह बच्चों की डिजिटल सेफ्टी के लिए WhatsApp का अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जाएगा।
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