Last Updated Mar - 05 - 2026, 01:32 PM | Source : Fela News
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने देश के युद्धपोत आइरिस डेना पर हुए हमले को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी है. उनका कहना है कि बिना किसी चेतावनी के युद्धपोत पर हमला किया गया, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
ईरान ने हिंद महासागर में उसके युद्धपोत फ्रिगेट IRIS Dena को डुबोने की घटना पर अमेरिका के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में टॉरपीडो हमला कर जहाज को निशाना बनाया.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यह जहाज भारतीय नौसेना के दौरे पर था और इसमें करीब 130 नाविक सवार थे. उनके अनुसार बिना किसी चेतावनी के युद्धपोत पर हमला किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है.
The U.S. has perpetrated an atrocity at sea, 2,000 miles away from Iran's shores.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 5, 2026
Frigate Dena, a guest of India's Navy carrying almost 130 sailors, was struck in international waters without warning.
Mark my words: The U.S. will come to bitterly regret precedent it has set. pic.twitter.com/cxYiI9BLUk
अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की मिसाल कायम करने पर उसे गहरा पछतावा होगा. उन्होंने इस घटना को “समुद्र में अत्याचार” बताया और कहा कि ईरान इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाएगा.
जानकारी के मुताबिक, यह युद्धपोत 18 से 25 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित मिलान इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर विशाखापत्तनम से अपने देश लौट रहा था. श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उस पर हमला किया गया, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद टॉरपीडो से जहाज डुबोने की दुर्लभ घटना बताया जा रहा है.
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