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चीन ने 'जिउ तियान' एसएस-यूएवी: उच्च ऊंचाई पर ड्रोन 'मदरशिप' का अनावरण किया

चीन ने 'जिउ तियान' एसएस-यूएवी: उच्च ऊंचाई पर ड्रोन 'मदरशिप' का अनावरण किया

Last Updated May - 20 - 2025, 02:32 PM | Source : Fela News

चीन ने मई 2025 में 'जिउ तियान' नामक एक नई उच्च ऊंचाई वाली ड्रोन 'मदरशिप' का अनावरण किया, जो जून के अंत में अपनी पहली उड़ान भरने के लिए तैयार है।
चीन ने 'जिउ तियान' एसएस-यूएवी
चीन ने 'जिउ तियान' एसएस-यूएवी

 

'जिउ तियान' (Jiutian), जिसका अर्थ है 'नौवें आकाश', चीन की नवीनतम स्वायत्त हवाई प्रणाली है, जिसे उच्च ऊंचाई पर उड़ान भरने और ड्रोन के झुंड को तैनात करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।  इसका उद्देश्य निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और हमले जैसी बहु-भूमिकाओं को निभाना है।

प्रमुख विशेषताएं:

  1. वजन और आकार: अधिकतम 16 टन वजन और 25 मीटर पंखों का विस्तार।
  2. उड़ान क्षमता: 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम, जो अधिकांश मध्यम दूरी की वायु रक्षा प्रणालियों की पहुंच से बाहर है।
  3. पेलोड क्षमता: लगभग 6 टन तक के छोटे ड्रोन और गोला-बारूद को ले जाने में सक्षम।
  4. ड्रोन तैनाती: दोनों ओर से कामिकाज़े ड्रोन और अन्य यूएवी को तैनात करने की क्षमता, जिससे दुश्मन की रक्षा प्रणालियों को भ्रमित किया जा सकता है।
  5. बहु-भूमिकाएं: निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, और संभावित रूप से हमले मिशनों के लिए उपयुक्त।
  6. यह ड्रोन चीन की एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (AVIC) द्वारा विकसित किया गया है और नवंबर 2024 में झुहाई एयरशो में पहली बार प्रदर्शित किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया:

हालांकि 'जिउ तियान' तकनीकी रूप से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन पश्चिमी विशेषज्ञों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं।  उनका मानना है कि यह ड्रोन 'बड़ा, धीमा और स्टील्थ रहित' है, जिससे यह आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों के लिए एक आसान लक्ष्य बन सकता है।

इसके अलावा, चीन की इस नई प्रणाली को ताइवान के खिलाफ संभावित उपयोग के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, खासकर जब चीन ने 2026 तक ताइवान पर नियंत्रण स्थापित करने की अपनी मंशा व्यक्त की है।

'जिउ तियान' चीन की बढ़ती सैन्य क्षमताओं का प्रतीक है, जो उच्च ऊंचाई पर ड्रोन संचालन और झुंड रणनीति में इसकी प्रगति को दर्शाता है।  हालांकि, इसकी वास्तविक प्रभावशीलता और युद्धक्षेत्र में उपयोगिता पर अभी भी बहस जारी है, विशेष रूप से उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों के संदर्भ में।

इस ड्रोन की पहली उड़ान जून 2025 के अंत में होने की उम्मीद है, जो इसके संचालनात्मक क्षमताओं का परीक्षण करेगी और भविष्य में इसके उपयोग के मार्ग को निर्धारित करेगी।

 

 

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