Last Updated Feb - 04 - 2026, 06:14 PM | Source : Fela News
आधुनिक तकनीक के दौर में एक देश ऐसा भी है जहां मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया और ओपन इंटरनेट आम लोगों के लिए लगभग न के बराबर है, फिर भी दुनिया से संपर्क बना हुआ है।
आज की दुनिया में इंटरनेट सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, नौकरी, बैंकिंग, खबरें, मनोरंजन और संवाद — सब कुछ ऑनलाइन हो चुका है। ऐसे समय में यह जानकर हैरानी होती है कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां आम नागरिकों के लिए इंटरनेट अब भी लगभग बंद है। यह देश है Eritrea, जो पूर्वी अफ्रीका में स्थित है और अपनी सख्त सरकारी नीतियों तथा सीमित संचार व्यवस्था के लिए जाना जाता है।
इरिट्रिया में मोबाइल फोन का इस्तेमाल तो होता है, लेकिन वह सिर्फ कॉल और एसएमएस तक सीमित है। यहां 3G, 4G या 5G जैसी मोबाइल डेटा सेवाएं आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इंटरनेट एक्सेस केवल कुछ चुनिंदा, सरकारी अनुमति प्राप्त इंटरनेट कैफे तक सीमित है, जो ज्यादातर राजधानी Asmara में स्थित हैं। इन कैफे में भी इंटरनेट की स्पीड बेहद धीमी होती है और उपयोग महंगा । कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक घंटे इंटरनेट इस्तेमाल करने की कीमत स्थानीय लोगों के लिए काफी भारी पड़ती है।
इस स्थिति के पीछे मुख्य कारण है सरकार का टेलीकम्युनिकेशन पर पूर्ण नियंत्रण। इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोगों को पहचान पत्र दिखाना पड़ता है और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। सोशल मीडिया, स्वतंत्र समाचार वेबसाइटें और कई अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म यहां आम तौर पर सुलभ नहीं हैं। यही वजह है कि इरिट्रिया को अक्सर दुनिया के सबसे "डिजिटल रूप से अलग-थलग " देशों में गिना जाता है।
फिर सवाल उठता है— जब इंटरनेट नहीं है, तो यहां के लोग बाहरी दुनिया से संपर्क कैसे रखते हैं? इसका जवाब है पारंपरिक संचार माध्यम। अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल यहां विदेश में रहने वाले परिजनों से संपर्क का प्रमुख साधन है। ये कॉल महंगी और कभी-कभी अविश्वसनीय होती हैं, लेकिन फिलहाल यही सबसे सीधा तरीका है। इसके अलावा, कई घर अंतरराष्ट्रीय खबरें देखने के लिए सैटेलाइट टेलीविजन का सहारा लेते हैं।
इरिट्रिया के बड़ी संख्या में नागरिक इथियोपिया, सूडान, यूरोप और मध्य पूर्व के देशों में प्रवास कर चुके हैं। ये प्रवासी जब अपने देश लौटते हैं, तो वे अपने साथ खबरें, जानकारियां और बाहरी दुनिया की झलक भी लेकर आते हैं। इस तरह सूचनाओं का आदान-प्रदान व्यक्ति से व्यक्ति तक पहुंचता है, न कि डिजिटल माध्यम से।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की प्राथमिकता सूचना नियंत्रण और आंतरिक स्थिरता बनाए रखना है। सीमित इंटरनेट एक्सेस से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि बाहरी विचारधाराएं और असहमति की आवाजें देश में आसानी से प्रवेश न कर सकें। हालांकि, इसका प्रभाव यह भी है कि आम नागरिक वैश्विक डिजिटल प्रगति से काफी पीछे रह जाते हैं।
तकनीक के इस युग में जहां दुनिया सेकंडों में जुड़ जाती है, इरिट्रिया की यह स्थिति एक अलग ही तस्वीर पेश करती है। यहां लोग बिना सोशल मीडिया, वीडियो कॉल और हाई स्पीड इंटरनेट के भी जीवन जी रहे हैं-धीमी, नियंत्रित, लेकिन अपने तरीके से दुनिया से जुड़े हुए। यह उदाहरण दिखाता है कि आधुनिक दुनिया में भी संचार के पारंपरिक तरीके पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
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