Last Updated Feb - 11 - 2026, 05:03 PM | Source : Fela News
13वें संसदीय चुनाव से पहले हिंदू संगठनों ने हिंसा आशंका जताई। मतदान से पहले, दौरान और बाद घटनाओं पर नजर रखने सेल गठन।
बांग्लादेश में होने वाले 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव से पहले अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, चिटगांव और ढाका में श्री जन्माष्टमी उद्यापन परिषद, बांग्लादेश की केंद्रीय समिति ने चुनावी माहौल को देखते हुए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। इस सेल का उद्देश्य चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसक घटनाओं पर नजर रखना बताया गया है।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को मतदान होना है। हाल के समय में सामने आई हिंसा, हत्या और भीड़ हमलों की घटनाओं के कारण हिंदू समुदाय के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है। सूत्रों के मुताबिक, संभावित हमलों और प्रताड़ना की आशंका को देखते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू संगठनों ने निगरानी तंत्र मजबूत करने की पहल शुरू की है।
इस बीच ढाका से लेकर चिटगांव तक संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क तंत्र विकसित किया जा रहा है। परिषद का कहना है कि यह पहल धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा तथा मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं की निगरानी के उद्देश्य से की गई है।
मॉनिटरिंग सेल के संचालन के लिए जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, महासचिव आर.के. दास रुपु को समन्वयक बनाया गया है, जबकि कार्यकारी महासचिव बिप्लब डे पार्थ को सह-समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अन्य सदस्यों के नाम और संपर्क विवरण भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोग सीधे संपर्क कर सकें।
वहीं दूसरी ओर संगठन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या उत्पीड़न की सूचना तुरंत मॉनिटरिंग सेल तक पहुंचाई जाए। परिषद का कहना है कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और समावेशी बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है। साथ ही सभी पक्षों से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए शांति बनाए रखने में सहयोग की उम्मीद जताई गई है।
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