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ईरान युद्ध में फंसा भारत! BRICS में आम सहमति बनाना मुश्किल

ईरान युद्ध में फंसा भारत! BRICS में आम सहमति बनाना मुश्किल

Last Updated Apr - 27 - 2026, 02:55 PM | Source : Fela News

ईरान युद्ध ने BRICS के भीतर बड़ा भूचाल ला दिया है। अध्यक्ष भारत के सामने सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है, जहां ईरान-UAE टकराव के बीच साझा सहमति बनाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
ईरान युद्ध में फंसा भारत! BRICS में आम सहमति बनाना मुश्किल
ईरान युद्ध में फंसा भारत! BRICS में आम सहमति बनाना मुश्किल

ईरान युद्ध ने सिर्फ पश्चिम एशिया को नहीं, बल्कि BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच को भी दो हिस्सों में बांट दिया है। इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है और ऐसे वक्त में नई दिल्ली के सामने सबसे कठिन चुनौती यह है कि वह 11 सदस्य देशों को एक साझा लाइन पर कैसे लाए। लेकिन हालात ऐसे हैं कि भारत के लिए यह स्थिति किसी धर्म संकट से कम नहीं बन गई है। 

एक ही मंच पर आमने-सामने ईरान और UAE

BRICS में अब भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा ईरान, यूएई, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हैं। समस्या यह है कि इनमें कुछ देश खुद पश्चिम एशिया संघर्ष के सीधे असर में हैं। ईरान चाहता है कि BRICS खुलकर उसके समर्थन में अमेरिका-इजराइल हमलों की निंदा करे, जबकि यूएई ईरानी हमलों पर सख्त रुख चाहता है। इसी टकराव ने समूह के भीतर तीखी दरार पैदा कर दी है। 

दिल्ली बैठक में नहीं बन सकी सहमति

24 अप्रैल को नई दिल्ली में BRICS डिप्टी विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की अहम बैठक हुई। भारत चाहता था कि पश्चिम एशिया पर एक संयुक्त बयान जारी हो, लेकिन ईरान और यूएई समेत सदस्य देशों के विरोधी रुख के कारण आम सहमति बन ही नहीं पाई। मजबूरन भारत को संयुक्त घोषणा की जगह सिर्फ ‘चेयर स्टेटमेंट’ जारी करना पड़ा, जिसमें गहरी चिंता तो जताई गई, लेकिन किसी पक्ष का नाम लेकर समर्थन या निंदा नहीं की गई। 

भारत क्यों नहीं ले सकता खुलकर किसी का पक्ष?

भारत की मुश्किल यह है कि उसे ईरान के साथ रणनीतिक रिश्ते भी बचाने हैं और यूएई-सऊदी जैसे खाड़ी साझेदारों के साथ आर्थिक हित भी। दूसरी तरफ रूस और चीन ईरान के प्रति नरम दिख रहे हैं। ऐसे में अगर भारत किसी एक पक्ष में झुकता है तो BRICS की एकजुटता पर ही सवाल खड़े हो सकते हैं। यही वजह है कि दिल्ली फिलहाल संतुलित और बेहद सावधान कूटनीति अपना रही है। 

अब मई की बैठक पर टिकी दुनिया की नजर

14-15 मई को भारत में BRICS विदेश मंत्रियों की बड़ी बैठक होनी है, जिसमें चीन के वांग यी, रूस के सर्गेई लावरोव और ईरान के अब्बास अराघची के शामिल होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यही बैठक तय करेगी कि BRICS एकजुट दिखेगा या ईरान युद्ध इस मंच की दरारों को और गहरा कर देगा। 

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