Last Updated Jun - 16 - 2025, 04:05 PM | Source : Fela News
ईरान–इज़राइल संघर्ष के बाद मुल्क में ईंधन की कीमतों में इजाफे का अनुमान
पाकिस्तानी सरकार ने तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों के चलते पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम दोबारा बढ़ाने का संकेत दिया है। यह कदम ईरान और इज़राइल के बीच हालिया तनाव और मिसाइल हमलों के कारण तेल की कीमतों में आई तेजी से प्रेरित है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत आखिरी पांच महीनों में कुल मिलाकर 11% तक बढ़ चुकी है, जो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे के प्राथमिक कारण माने जा रहे हैं । पाकिस्तान की तेल नियामक संस्था OGRA ने इस मसले पर सिफारिश भेजी है कि पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर लगभग 3 रु और HSD में लगभग 6 रु तक इजाफा किया जा सकता है ।
पिछले फ़रवरी में ये दरें पहले से ही बढ़ चुकी थीं — उस समय पेट्रोल में 3 रु और डीजल में 6 रु की वृद्धि की गई थी । इन सभी कदमों का मकसद अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार की अस्थिरता और पाकिस्तानी रुपया की गिरती कीमतों को ध्यान में रखते हुए आर्थिक दबाव से देश को सुरक्षित रखना है।
इस मूल्य वृद्धि का असर आम लोगों और परिवहन पर काम करने वालों पर बेहद असरदार होगा। पेट्रोल-डीज़ल पर बढ़ी लागत को माल परिवहन और रोज़मर्रा की सुविधा सेवाओं में बढ़ोतरी के रूप में सीधे असर दे सकती है।
अगले कुछ दिनों में ऑइल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी और मंत्रालयों की बैठकें होंगी। उसके बाद ही नई दरों का औपचारिक ऐलान तारीख और दरों सहित होगा।
कुल मिलाकर, ईंधन की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय क़ीमतों और मध्य पूर्व संकट के बीच, पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में वृद्धि लगभग तय है। इस कदम से घरेलू बजट पर पड़े असर और महँगाई दर पर होने वाले संभावित दबाव को लेकर बड़े स्तर पर बहस शुरू हो चुकी है।