Last Updated Feb - 10 - 2026, 01:05 PM | Source : Fela News
रूस ने BRICS में भारत के नेतृत्व और एजेंडे को समर्थन देने का भरोसा जताया है। इससे वैश्विक आर्थिक सहयोग, विकासशील देशों की भूमिका और बहुपक्षीय व्यवस्था को नई मजब
भारत के BRICS एजेंडे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी मजबूती मिली है। रूस ने खुलकर भारत के नेतृत्व और प्रस्तावों का समर्थन करने का भरोसा जताया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग और वैकल्पिक वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भारत की भूमिका बेहद अहम है।
लावरोव ने बताया कि 2024 में रूस की अध्यक्षता के दौरान मॉस्को ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए कई नए प्लेटफॉर्म और तंत्रों की शुरुआत की थी। इन पहलों का उद्देश्य पश्चिमी देशों के प्रभुत्व वाली आर्थिक संस्थाओं पर निर्भरता कम करना और विकासशील देशों को अधिक अवसर देना था।
उन्होंने कहा कि इन पहलों को समय-समय पर बेहतर बनाया जा रहा है। पहले ब्राजील की अध्यक्षता में इन पर काम हुआ और अब भारत के नेतृत्व में इन्हें और मजबूत किया जा रहा है। इससे साफ है कि BRICS संगठन अब केवल एक चर्चा मंच नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक और राजनीतिक फैसले लेने वाला समूह बनता जा रहा है।
BRICS में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के अलावा नए सदस्य देश भी शामिल हो चुके हैं। इससे यह संगठन दुनिया की बड़ी आबादी और अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है। भारत इस मंच के जरिए विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक स्तर पर मजबूती से उठाने का प्रयास कर रहा है।
भारत का मुख्य फोकस व्यापार में स्थानीय मुद्राओं का उपयोग, डिजिटल भुगतान प्रणाली, विकासशील देशों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग पर है। भारत चाहता है कि BRICS देश आपस में ज्यादा सहयोग करें और पश्चिमी वित्तीय संस्थाओं पर निर्भरता कम करें।
रूस ने भारत के इन प्रयासों की सराहना की है। लावरोव के अनुसार, भारत ने BRICS को एक संतुलित, समावेशी और व्यावहारिक दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। रूस मानता है कि भारत का नेतृत्व संगठन को और प्रभावी बना सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस का समर्थन भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत करता है। इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात रखने में अधिक ताकत मिलती है। साथ ही, यह विकासशील देशों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।
वर्तमान वैश्विक हालात में जब कई देश आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक तनाव का सामना कर रहे हैं, BRICS एक वैकल्पिक मंच के रूप में उभर रहा है। भारत और रूस का सहयोग इस संगठन को और सशक्त बना सकता है। भारत की कोशिश है कि BRICS केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित न रहे, बल्कि तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाए। रूस का समर्थन इस दिशा में भारत के प्रयासों को नई गति देगा।
कुल मिलाकर, रूस द्वारा भारत के BRICS एजेंडे को समर्थन देना भारत की कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। इससे न केवल भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत होगी, बल्कि BRICS संगठन भी भविष्य में एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय शक्ति के रूप में उभर सकता है।
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