Last Updated Mar - 19 - 2026, 12:44 PM | Source : Fela News
इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह इजराइल का ऑपरेशन था। हमले के बाद तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे इसकी अहमियत फिर चर्चा में है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल ने दक्षिणी ईरान स्थित साउथ पार्स गैस फील्ड पर एयरस्ट्राइक की है। इस हमले के बाद क्षेत्र में हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों, खासकर कतर और सऊदी अरब के गैस और तेल ठिकानों को निशाना बनाया। इससे पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह इजराइल का ऑपरेशन था और अमेरिका को इसकी पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण इजराइल ने यह कदम उठाया।
कई देशों ने की हमले की निंदा
इस हमले की फ्रांस, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने कड़ी निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि ऊर्जा और जल आपूर्ति से जुड़े ठिकानों पर हमले तुरंत रोके जाने चाहिए। वहीं यूएई ने चेतावनी दी कि इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
इजराइल के हमले के बाद ईरान ने कतर और सऊदी अरब के गैस ठिकानों को निशाना बनाया। इस पर ट्रंप ने कहा कि ईरान ने कतर की एलएनजी सुविधा के एक हिस्से पर हमला किया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने आगे और हमले किए तो साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह किया जा सकता है।
साउथ पार्स गैस फील्ड क्यों है अहम
साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है, जो ईरान और कतर के बीच फैली हुई है। यह क्षेत्र फारस की खाड़ी के नीचे स्थित है और इसमें भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस भंडार मौजूद है। ईरान की कुल गैस उत्पादन का बड़ा हिस्सा इसी फील्ड से आता है, जिससे उसकी ऊर्जा आपूर्ति काफी हद तक इसी पर निर्भर है।
वैश्विक बाजार पर असर
इस हमले और बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर लंबे समय तक पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि साउथ पार्स गैस फील्ड न सिर्फ ईरान बल्कि पूरी दुनिया के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।
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