Last Updated Jul - 24 - 2025, 02:10 PM | Source : Fela News
वैश्विक अध्ययन में सामने आई संस्कृति और अर्थव्यवस्था की बड़ी भूमिका, भारत-ईरान सबसे पीछे, स्वीडन सबसे आगे
नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 – एक हालिया वैश्विक अध्ययन में दुनिया भर के युवाओं द्वारा माता-पिता का घर छोड़ने की औसत उम्र को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जहां स्वीडन में युवा महज 17.8 साल की उम्र में स्वतंत्र जीवन शुरू कर देते हैं, वहीं भारत में यह औसत उम्र 30.5 साल है। इस मामले में ईरान शीर्ष पर है, जहां औसतन 31 साल की उम्र में युवा घर छोड़ते हैं।
यह अध्ययन Eurostat, स्टैटिस्टिक्स स्वीडन और अन्य जनसांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट बताती है कि विभिन्न देशों में सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक स्थिति और सांस्कृतिक मूल्यों के आधार पर युवा कब घर छोड़ते हैं, इसमें बड़ा अंतर होता है।
स्वीडन में कम उम्र में घर छोड़ने की प्रवृत्ति का मुख्य कारण वहां की मजबूत सामाजिक कल्याण प्रणाली है। सस्ते मकान, रेंट कंट्रोल व्यवस्था और सरकार द्वारा मिलने वाली छात्रवृत्तियां वहां के युवाओं को 18-19 साल की उम्र में ही स्वतंत्र जीवन शुरू करने का अवसर देती हैं। उमेओ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री डॉ. फिलिप फोर्स कॉनॉली के अनुसार, “स्वीडन की व्यवस्था युवाओं को जल्दी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है।”
हालांकि, स्वतंत्रता के इस सफर की अपनी चुनौतियां भी हैं। स्वीडन के एक 2013 के सर्वे में पाया गया कि 16 से 24 वर्ष के 16.8% युवा अकेलेपन का शिकार होते हैं — यह दिखाता है कि जल्दी घर छोड़ने से भावनात्मक कठिनाइयाँ भी हो सकती हैं।
वहीं भारत और ईरान जैसे देशों में पारिवारिक बंधन, आर्थिक निर्भरता, और विवाह से पहले घर न छोड़ने की परंपरा जैसी सामाजिक मान्यताएं युवाओं को लंबे समय तक माता-पिता के साथ रहने के लिए प्रेरित करती हैं।
यह अध्ययन एक अहम सामाजिक और सांस्कृतिक अंतर को उजागर करता है — जहां कुछ देश युवाओं को जल्दी स्वतंत्र बनाना चाहते हैं, वहीं कुछ समाजों में परिवार के साथ जुड़े रहना ही प्राथमिकता मानी जाती है।