Last Updated Mar - 12 - 2025, 11:16 AM | Source : Fela News
पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर बलूच विद्रोहियों ने आतंकवादी हमला कर ट्रेन को हाईजैक कर लिया। सैकड़ों यात्री बंधक बनाए गए, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई और सुरक
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के आतंकवादियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला कर उसे हाईजैक कर लिया। इस हमले में सैकड़ों यात्रियों को बंधक बनाया गया है, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया है।
हमले का विवरण: मंगलवार, 11 मार्च 2025 को, जाफर एक्सप्रेस ट्रेन क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही थी। इसी दौरान बलूच लिबरेशन आर्मी के आतंकवादियों ने बलूचिस्तान प्रांत के बोलन जिले में ट्रेन पर हमला किया। आतंकवादियों ने पहले रेलवे ट्रैक को विस्फोटक से उड़ाया, जिससे ट्रेन रुक गई। इसके बाद उन्होंने ट्रेन पर गोलियां चलाईं और यात्रियों को बंधक बना लिया।
बंधकों की संख्या और स्थिति: BLA ने दावा किया है कि उन्होंने 214 यात्रियों को बंधक बनाया है, जिनमें से अधिकांश पाकिस्तानी सेना के जवान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले में 30 से अधिक सैन्यकर्मी मारे गए हैं। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा बलों ने अब तक 104 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया है।
आतंकवादियों की मांगें: BLA ने पाकिस्तानी सरकार से अपने राजनीतिक कैदियों और जबरन गायब किए गए व्यक्तियों की रिहाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें 48 घंटे के भीतर पूरी नहीं की गईं, तो वे बंधकों को मार देंगे और ट्रेन को नष्ट कर देंगे।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया: पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके को घेर लिया है। अब तक की कार्रवाई में 16 आतंकवादी मारे गए हैं। हालांकि, इलाके की दुर्गमता और संचार की कमी के कारण बचाव अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और बंधकों की सुरक्षित रिहाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
यह घटना पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी विद्रोह और अस्थिरता ने एक बार फिर से देश की सुरक्षा चुनौतियों को उजागर किया है। अब सभी की निगाहें पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा बलों पर हैं कि वे इस संकट से कैसे निपटते हैं और बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करते हैं।