Last Updated Feb - 14 - 2026, 03:58 PM | Source : Fela News
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी परमाणु वार्ता के बीच कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन “सबसे बेहतर स्थिति” हो सकती है और सभी विकल्पों को खारिज नहीं किया जा र
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति और दबाव बढ़ा दिया है, जिसमें एक और एयरक्राफ्ट कैरियर, हजारों सैनिक और लड़ाकू विमान तैनात किए जा रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के बयान के समय ईरान के साथ परमाणु वार्ता जारी थी, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत से समाधान नहीं मिलता तो अमेरिका को हार्मिघ Middle East buildup के तहत सैन्य कार्रवाई का विकल्प हाथ में रखना पड़ेगा.
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी पेंटागन संभावित रूप से हफ्तों तक चलने वाले सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है, जिससे क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है. इसका सीधा असर मध्य पूर्व के राजनीतिक और सैन्य माहौल पर पड़ रहा है.
बताया जा रहा है कि ट्रंप ने कहा कि ईरान में शासन परिवर्तन “सबसे अच्छा परिणाम” हो सकता है, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर किसी सैनिक आक्रमण की घोषणा नहीं की. इसी बीच अमेरिका ने यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर समेत अतिरिक्त सैन्य शक्ति को मध्य पूर्व भेजा है ताकि ईरान पर दबाव बढ़ाया जा सके.
सूत्रों के मुताबिक यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच न केवल परमाणु वार्ता जारी है बल्कि सैन्य तैयारियाँ भी बढ़ रही हैं. अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिका सभी विकल्पों को खुला रखे हुए है, जिसमें कूटनीति के साथ-साथ सैन्य दबाव का इस्तेमाल भी शामिल है.
इस बीच, ट्रंप के बयान और संयुक्त राज्य की बढ़ती सैन्य उपस्थिति ने क्षेत्रीय देशों के बीच चिंता बढ़ा दी है और विश्लेषकों का कहना है कि यह तनाव और उभर सकता है. अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस पर विस्तृत टिप्पणी नहीं दी गई है, लेकिन ईरान के साथ होने वाली बातचीत की पृष्ठभूमि में यह स्थिति परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
पूर्व राष्ट्रपति के बयान ने संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु नियंत्रण वार्ता में अपेक्षित प्रगति नहीं करता, तो अमेरिका को “एक बड़ा कार्रवाई विकल्प” जारी रखने के बारे में सोचना पड़ सकता है. वर्तमान में कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, जबकि सैन्य तैनाती भी तेज़ की जा रही है
यह भी पढ़े