Last Updated Apr - 18 - 2026, 12:56 PM | Source : Fela News
ईरान से बातचीत के बीच अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर दी गई छूट एक महीने बढ़ा दी है, जिससे अब 16 मई तक देश रूस से तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीद सकेंगे।
होर्मुज संकट के बीच अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए मिली छूट को एक बार फिर बढ़ा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब इससे पहले अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिए थे कि यह राहत आगे नहीं बढ़ेगी। अब नई अनुमति के तहत 16 मई तक रूस से तेल खरीद और उससे जुड़े लेनदेन जारी रह सकेंगे।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वित्त विभाग ने शुक्रवार देर रात नया लाइसेंस जारी किया, जिससे रूसी तेल से लदे जहाजों को निर्धारित शर्तों के साथ लेनदेन की इजाजत मिल गई है। यह फैसला उस बयान के ठीक दो दिन बाद आया है, जिसमें स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि इस तरह की छूट को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
कितने समय के लिए मिली राहत?
यह छूट करीब एक महीने के लिए बढ़ाई गई है, जो पहले 11 अप्रैल को खत्म हो चुकी थी। हालांकि, इस अनुमति में साफ किया गया है कि ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से जुड़े किसी भी तेल लेनदेन पर यह लागू नहीं होगी।
पहले क्या कहा था अमेरिका ने?
स्कॉट बेसेंट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि रूसी और ईरानी तेल के लिए सामान्य लाइसेंस को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया था कि पहले दी गई छूट के जरिए वैश्विक बाजार में बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति संभव हो पाई थी।
रूस की प्रतिक्रिया
रूस के राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने पहले कहा था कि इस तरह की छूट से वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ेगी और ऊर्जा संकट को कुछ हद तक कम किया जा सकेगा।
वैश्विक असर
हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। युद्ध से पहले दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता था, लेकिन मौजूदा हालात में सप्लाई और कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
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