Last Updated Jul - 30 - 2025, 11:15 AM | Source : Fela News
पिछले कुछ दिनों में कई देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। सबसे ज्यादा भूकंप रूस और उसके आसपास के इलाकों में आए हैं। ताजा भूकंप भी रूस में ही आया है।
पिछले कुछ हफ्तों में दुनिया के कई देशों में जोरदार भूकंप आए हैं, जिससे धरती बार-बार हिली है। सबसे ताजा और बड़ा झटका रूस में महसूस किया गया, जहां समुद्र के नीचे 8.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसका असर इतना तेज था कि जापान तक सुनामी की लहरें पहुंच गईं। रूस, जापान, गुआम, हवाई और अलास्का में सुनामी अलर्ट जारी कर दिया गया है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, यह भूकंप बेहद गहराई में समुद्र के भीतर आया था।
30 जुलाई को रूस के कामचटका क्षेत्र में एक और 6.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जो सुबह 5:39 बजे आया। इसके कुछ ही मिनटों बाद पास ही के विलुचिंस्क इलाके में 6.3 तीव्रता के झटके फिर से महसूस किए गए। इसी दिन फिजी द्वीप के दक्षिण में भी रात 11:23 बजे 6.6 तीव्रता का भूकंप आया। इससे ठीक पहले 29 जुलाई को भारत के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 रही थी।
भारत में 22 जुलाई को गुजरात के कच्छ इलाके में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि इसकी तीव्रता सिर्फ 3.6 थी, फिर भी आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। इससे पहले, 20 जुलाई को रूस में तीन बार धरती कांपी—पहले 5.0, फिर 6.7 और अंत में 7.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इस वजह से USGS को सुनामी की चेतावनी जारी करनी पड़ी।
25 जुलाई को वालिस और फ्यूचूना के पास 6.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र समुद्र में 324 किलोमीटर गहराई में था। इससे पहले 13 जून को रूस के कुरील द्वीप समूह में 6.5 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए थे। यह इलाका जापान के पास स्थित है और अक्सर भूकंप की चपेट में रहता है।
28 मार्च को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसका केंद्र म्यांमार में था। इस भूकंप में कई इमारतें हिल गईं और एक निर्माणाधीन बिल्डिंग गिर गई थी। इसी दिन म्यांमार में ही आए एक और 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 1,644 लोगों की जान चली गई और 3,400 से ज्यादा लोग घायल हुए। इसके झटके भारत, चीन, थाईलैंड, वियतनाम और बांग्लादेश तक महसूस किए गए थे।
23 अप्रैल को तुर्किए (पहले तुर्की) के इस्तांबुल में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र मरमारा सागर में था और यह जमीन के 10 किलोमीटर नीचे आया था।
इन सभी घटनाओं से साफ है कि हाल के महीनों में दुनियाभर में भूकंप की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई जगहों पर तो भूकंप के साथ-साथ सुनामी की आशंका भी बनी रही है। वैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन एजेंसियां इन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते लोगों को सचेत किया जा सके और जान-माल का नुकसान रोका जा सके।