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US-Iran War: UN में ईरान के समर्थन में उतरे रूस-चीन, अमेरिका से तीखी बहस हुई

US-Iran War: UN में ईरान के समर्थन में उतरे रूस-चीन, अमेरिका से तीखी बहस हुई

Last Updated Mar - 13 - 2026, 11:39 AM | Source : Fela News

US-Iran War: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के परमाणु मुद्दे को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों की रूस और चीन के साथ तीखी बहस हुई।
UN में ईरान के समर्थन में उतरे रूस-चीन
UN में ईरान के समर्थन में उतरे रूस-चीन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों की रूस और चीन के साथ तीखी बहस हुई। यह बहस 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की बैठक में हुई, जिसकी अध्यक्षता इस महीने अमेरिका कर रहा है। अमेरिका ने बैठक में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश की, जो उसने करीब दो हफ्ते पहले शुरू की थी।

बैठक के दौरान रूस और चीन ने उस समिति पर चर्चा रोकने की कोशिश की, जो ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की निगरानी करती है। इस समिति को आम तौर पर 1737 कमेटी कहा जाता है। हालांकि परिषद में हुए मतदान में उनकी कोशिश सफल नहीं हुई। कुल 15 देशों में से 11 ने चर्चा जारी रखने के पक्ष में वोट दिया, जबकि रूस और चीन ने विरोध किया और दो देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज ने रूस और चीन पर आरोप लगाया कि वे ईरान का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देशों को ईरान पर हथियारों के प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना चाहिए। इसके साथ ही मिसाइल तकनीक के ट्रांसफर और उससे जुड़े व्यापार पर भी रोक लगाने की बात कही।

इस पर रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर अनावश्यक डर और तनाव पैदा किया जा रहा है। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्टों में ऐसे दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं संयुक्त राष्ट्र में चीन के प्रतिनिधि फू कांग ने भी अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु संकट के लिए वाशिंगटन खुद जिम्मेदार है। उनके अनुसार बातचीत और कूटनीति के दौरान अमेरिका द्वारा बल प्रयोग करने से शांति वार्ता की कोशिशों को नुकसान पहुंचा है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम ही इस युद्ध की मुख्य वजह है। उनका कहना है कि ईरान को संभावित परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना जरूरी है। इसी मुद्दे को आधार बनाकर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद से मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

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