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पासपोर्ट रैंकिंग क्या होती है, भारत और बांग्लादेश कहां खड़े

पासपोर्ट रैंकिंग क्या होती है, भारत और बांग्लादेश कहां खड़े

Last Updated Feb - 19 - 2026, 06:01 PM | Source : Fela News

बांग्लादेश पासपोर्ट धारकों को सीमित देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है, जबकि भारत की वैश्विक पहुंच ज्यादा मजबूत है. जानिए रैंकिंग, तुलना और पासपोर्ट ताकत की पूरी कहानी.
पासपोर्ट रैंकिंग क्या होती है
पासपोर्ट रैंकिंग क्या होती है

आज के समय में पासपोर्ट सिर्फ विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं, बल्कि किसी देश की वैश्विक स्थिति, कूटनीतिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय भरोसे का प्रतीक बन चुका है। किसी देश का पासपोर्ट जितना मजबूत होता है, उसके नागरिकों को उतने अधिक देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल के साथ यात्रा करने की सुविधा मिलती है। 

हाल ही में बांग्लादेश के पासपोर्ट को लेकर चर्चा तेज हुई है, जिससे यह सवाल उठने लगा कि क्या बांग्लादेश का पासपोर्ट मजबूत हो रहा है और भारत के मुकाबले उसकी स्थिति क्या है। 

वैश्विक स्तर पर पासपोर्ट की ताकत को मापने के लिए Henley Passport Index को सबसे विश्वसनीय माना जाता है। यह इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा पर आधारित होता है और हर साल देशों की पासपोर्ट रैंकिंग जारी करता है। फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश के पासपोर्ट धारकों को लगभग 37 से 42 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है। इसका मतलब है कि बांग्लादेश के नागरिक इन देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं या पहुंचने के बाद वीजा प्राप्त कर सकते हैं। 

हालांकि, बांग्लादेश का पासपोर्ट अभी भी वैश्विक रैंकिंग में काफी नीचे है। इसकी रैंकिंग लगभग 93वें से 97 वें स्थान के बीच बताई जाती है। जिन देशों में बांग्लादेशी नागरिकों को आसानी से यात्रा की अनुमति मिलती है, उनमें ज्यादातर अफ्रीकी, कैरिबियन और एशिया के छोटे या विकासशील देश शामिल हैं। वहीं यूरोप, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य विकसित देशों में यात्रा के लिए पहले से वीजा लेना जरूरी होता है। 

अब अगर भारत के पासपोर्ट की बात करें तो उसकी स्थिति बांग्लादेश के मुकाबले बेहतर है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को लगभग 56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है। वैश्विक रैंकिंग में भारत लगभग 75वें स्थान पर है, जो बांग्लादेश से काफी ऊपर है। इसका मतलब है कि भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए ज्यादा विकल्प और सुविधा मिलती है। 

भारत के पासपोर्ट की बेहतर स्थिति का मुख्य कारण उसके मजबूत कूटनीतिक संबंध, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव है। पिछले कुछ वर्षों में कई देशों ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा नियमों को आसान बनाया है, खासकर पर्यटन, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्रों में। 

अगर दोनों देशों की तुलना करें तो भारत को बांग्लादेश से लगभग 14 से 19 ज्यादा देशों में वीजा - फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है। रैंकिंग में भी भारत बांग्लादेश से करीब 15 से 20 स्थान ऊपर है। यह अंतर केवल संख्या का नहीं, बल्कि वैश्विक विश्वास, आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का भी संकेत देता है। 

विशेषज्ञों के अनुसार, पासपोर्ट की ताकत स्थायी नहीं होती और समय के साथ बदलती रहती है। किसी देश की आर्थिक स्थिति, विदेश नीति, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग के आधार पर पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार या गिरावट हो सकती है। 

आने वाले वर्षों में बांग्लादेश और भारत दोनों के पासपोर्ट की स्थिति उनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक विकास पर निर्भर करेगी। 

कुल मिलाकर, मौजूदा समय में भारत का पासपोर्ट बांग्लादेश के मुकाबले अधिक मजबूत माना जाता है, लेकिन वैश्विक कूटनीति और आर्थिक प्रगति के साथ यह स्थिति भविष्य में बदल भी सकती है। 

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