Last Updated Feb - 17 - 2026, 10:57 AM | Source : Fela News
कर्नाटक के हम्पी गैंगरेप और हत्या मामले में अदालत ने तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई. विदेशी महिला से दरिंदगी और युवक की हत्या को बताया दुर्लभ अपराध.
कर्नाटक के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हम्पी में हुए गैंगरेप और हत्या के सनसनीखेज मामले में अदालत ने कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. गंगावती स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन दोषियों को मौत की सजा सुनाते हुए इस अपराध को 'रेरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में रखा. यह फैसला घटना के महज 11 महीनों के भीतर आया, जिसे त्वरित न्याय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है.
यह दर्दनाक घटना 6 मार्च 2025 की रात हुई थी, जब इजराइल की एक महिला पर्यटक, अमेरिका के एक युवक, महाराष्ट्र के नासिक निवासी पंकज और ओडिशा के बिबास हम्पी घूमने आए थे. वे सभी स्थानीय होमस्टे में ठहरे हुए थे. उसी रात वे तुंगभद्रा नहर के किनारे एक शांत जगह पर बैठे थे और संगीत का आनंद ले रहे थे. उनके साथ होमस्टे संचालिका भी मौजूद थी.
इसी दौरान तीन आरोपी वहां पहुंचे और पेट्रोल के नाम पर पैसे मांगने लगे. जब पर्यटकों ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया. उन्होंने तीनों पुरुषों के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन नहर में धकेल दिया. इसके बाद आरोपियों ने महिला पर्यटक और होमस्टे संचालिका के साथ सामूहिक बलात्कार किया. इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का सामान भी लूट लिया.
नहर में धकेले गए तीन लोगों में से दो किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन ओडिशा के रहने वाले बिबास तेज बहाव में बह गए और उनकी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई थी.
पुलिस ने घटना के बाद तेजी से जांच शुरू की और कुछ ही दिनों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान पुलिस को मजबूत सबूत मिले, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध अत्यंत क्रूर, अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाला है.
न्यायालय ने यह भी कहा कि विदेशी महिला पर्यटक के साथ इस तरह की घटना न केवल गंभीर अपराध है, बल्कि इससे देश की छवि और सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगता है.
न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि दोषियों ने मानवता की सभी सीमाएं पार कर दीं और इस तरह के अपराध के लिए कठोरतम सजा आवश्यक है. अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाते हुए इसे न्याय और कानून का संतeषजनक परिणाम बताया.
इस फैसले के बाद पीड़ितों के परिवारों ने न्याय मिलने पर संतोष जताया है. वहीं, पुलिस और प्रशासन ने भी इसे कानून के प्रति भरोसा मजबूत करने वाला फैसला बताया. इस घटना के बाद पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की मांग भी तेज हो गई है.
हम्पी जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे, लेकिन अदालत के इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
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