Last Updated May - 09 - 2026, 04:57 PM | Source : Fela News
AI के दम पर बदलेगी बैंकिंग! Axis Bank ने लॉन्च किए स्मार्ट कंप्लायंस टूल, अब KYC और बिज़नेस प्रोफाइल अपडेट होंगे मिनटों में, ग्राहकों को मिलेगा तेज़, पेपरलेस और झंझटमुक्त बैंकिंग अनुभव।
भारत के निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में शामिल Axis Bank ने अपने करेंट अकाउंट ग्राहकों के लिए AI आधारित कंप्लायंस ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस लॉन्च किए हैं. बैंक का दावा है कि नई तकनीक के जरिए अब कई जटिल बैंकिंग प्रक्रियाएं पहले से ज्यादा तेज़, आसान और पूरी तरह डिजिटल हो जाएंगी. इससे ग्राहकों को शाखा जाने और लंबी कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी.
AI आधारित री-केवाईसी से आसान होगी प्रक्रिया
बैंक ने दो बड़े AI आधारित समाधान पेश किए हैं, जिनमें डिजिटल बिज़नेस प्रोफाइल अपडेट और AI आधारित री-केवाईसी शामिल हैं. नई तकनीक का मकसद ग्राहकों को बिना किसी झंझट के तेज़ और पेपरलेस बैंकिंग सुविधा देना है.
AI आधारित री-केवाईसी सिस्टम खासतौर पर गैर-व्यक्तिगत करेंट अकाउंट ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है. पहले इस प्रक्रिया में कई दस्तावेज जमा करने पड़ते थे और पूरी प्रक्रिया मैनुअल होने की वजह से गलतियों की संभावना भी रहती थी. अब नया सिस्टम एक ही PDF में मौजूद कई दस्तावेजों को खुद पहचानकर उनका सत्यापन कर सकता है. अगर कोई दस्तावेज अधूरा हो या डेटा में कमी हो तो सिस्टम तुरंत अलर्ट भी देगा.
अब ऑनलाइन अपडेट होगा बिज़नेस प्रोफाइल
नई डिजिटल बिज़नेस प्रोफाइल अपडेट सेवा के जरिए ग्राहक अपने बिज़नेस से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे. इसमें बिज़नेस की प्रकृति और दूसरे जरूरी विवरण शामिल हैं. यह सिस्टम Generative AI और रियल-टाइम GST फाइलिंग डेटा का इस्तेमाल करता है.
बैंक के मुताबिक यह तकनीक 3000 से ज्यादा विकल्पों में से सही बिज़नेस कोड का ऑटोमैटिक चयन कर सकती है. इससे मैनुअल डेटा एंट्री की जरूरत कम होगी और पूरी प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज़ बन जाएगी.
बैंक कर्मचारियों का काम भी होगा आसान
Axis Bank का कहना है कि नई तकनीक सिर्फ ग्राहकों के लिए ही नहीं बल्कि बैंक कर्मचारियों के लिए भी मददगार साबित होगी. इससे डेटा एंट्री में होने वाली गलतियां कम होंगी और प्रोसेसिंग टाइम घटेगा. बैंक ने इसे GST डेटा और Large Language Model यानी LLM के साथ बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने वाली शुरुआती तकनीकों में से एक बताया है.
फर्स्ट टाइम राइट प्रोसेस पर जोर
बैंक के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक नई प्रणाली लागू होने के बाद दोबारा काम करने की जरूरत कम हुई है और प्रक्रिया पूरी होने का समय भी घटा है. शाखाओं और ऑपरेशन टीमों की उत्पादकता में भी सुधार देखने को मिला है.
क्या बोले Sameer Shetty
Sameer Shetty ने कहा कि बैंक लंबे समय से इंटेलिजेंट ऑटोमेशन के जरिए कंप्लायंस प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर काम कर रहा है. उनके मुताबिक Generative AI, डॉक्यूमेंट इंटेलिजेंस और रियल-टाइम GST डेटा के मेल से जटिल बैंकिंग प्रक्रियाओं को बड़े स्तर पर सरल बनाया जा सकता है. इससे ग्राहकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक बैंकिंग अनुभव मिलेगा.
यह भी पढ़े
May - 08 - 2026
Gold Silver Price Today Live: देश में एक बार फिर सोने और चांदी की कीमतों मे... Read More