Header Image

EPFO का बड़ा फैसला: अब निकाल सकेंगे पूरा बैलेंस

EPFO का बड़ा फैसला: अब निकाल सकेंगे पूरा बैलेंस

Last Updated Oct - 14 - 2025, 11:15 AM | Source : Fela News

EPFO की 238वीं बैठक में अहम फैसले हुए हैं. अब सदस्य अपने खाते से 100% पात्र राशि निकाल सकेंगे.
EPFO का बड़ा फैसला
EPFO का बड़ा फैसला

EPFO New Rule 2025: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की 238वीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक सोमवार को केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनसे 30 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होगा।

100% बैलेंस निकालने की सुविधा:

अब सदस्य अपने खाते से कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का हिस्सा एक साथ निकाल सकेंगे। आंशिक निकासी के नियमों को भी आसान बनाया गया है ताकि जरूरत के वक्त पैसा निकालने में दिक्कत न हो।

निकासी के नए नियम:

पहले निकासी के 13 कारण थे, जिन्हें घटाकर अब 3 कैटेगरी कर दिया गया है —

आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, शादी)

हाउसिंग

विशेष परिस्थितियां

25% बैलेंस रखना जरूरी:

सदस्यों को अपने खाते में कम से कम 25% राशि बनाए रखनी होगी ताकि उन्हें 8.25% वार्षिक ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता रहे।

निकासी की लिमिट बढ़ी:

अब सदस्य शादी के लिए 5 बार और शिक्षा के लिए 10 बार तक निकासी कर सकते हैं। साथ ही निकासी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और अब किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अन्य फैसले:

  • विलंबित पीएफ भुगतान पर पेनाल्टी घटाकर 1% प्रति माह की गई।
  • पेंशनर्स के लिए घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा शुरू की गई, जो पूरी तरह मुफ्त होगी।
  • इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग पेंशनर्स को बड़ी राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें:

Healthy Breakfast for Heart Health: खून की धमनियों को बनाएं मजबूत, आज ही खाएं ये 5 फूड

 

Share :

Trending this week

शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी! सेंसेक्स 876 अंक उछला

Jun - 12 - 2026

Share Market Today: शुक्रवार, 12 जून को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शु... Read More

सोना फिर भागा रिकॉर्ड हाई की ओर

Jun - 12 - 2026

Gold Silver Price Today: सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के ... Read More

भारत से खरीदें Apple, Tesla, Google के शेयर

Jun - 12 - 2026

US Stock Market Investment from India: भारतीय निवेशकों का रुझान अब सिर्फ घरेलू ... Read More