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छुट्टियां बचीं तो पैसा मिलेगा! नए लेबर कोड से कर्मचारियों को बड़ा फायदा

छुट्टियां बचीं तो पैसा मिलेगा! नए लेबर कोड से कर्मचारियों को बड़ा फायदा

Last Updated Apr - 06 - 2026, 10:55 AM | Source : Fela News

New Labour Codes 2026: नए लेबर कोड के तहत अब कर्मचारी अपनी बची हुई छुट्टियों के बदले हर साल नकद पैसा ले सकेंगे, जबकि पहले इसके लिए रिटायरमेंट तक इंतजार करना पड़ता था।
नए लेबर कोड से कर्मचारियों को बड़ा फायदा
नए लेबर कोड से कर्मचारियों को बड़ा फायदा

New Labour Codes 2026:किसी भी कंपनी या संस्थान में नौकरी शुरू करते समय कर्मचारियों को साल भर में मिलने वाली छुट्टियों के बारे में बताया जाता है, लेकिन काम के दबाव के कारण कई लोग अपनी पूरी छुट्टियां इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे में ये छुट्टियां अक्सर बेकार चली जाती थीं। हालांकि, अब नए नियमों के बाद ऐसा नहीं होगा।

केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे New Labour Code के तहत छुट्टियों के नकदीकरण (Leave Encashment) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कर्मचारी हर साल अपनी बची हुई छुट्टियों को नकद में बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा आमतौर पर रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के समय ही मिलती थी, लेकिन अब कर्मचारियों को इसका फायदा हर साल मिलेगा।

नए नियम के मुताबिक, कर्मचारी साल के अंत में अपनी अतिरिक्त छुट्टियों को कैश करा सकते हैं। ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020 के तहत एक कर्मचारी अधिकतम 30 दिन की अर्जित छुट्टियां (Earned Leave) अगले साल के लिए आगे बढ़ा सकता है। अगर किसी कर्मचारी के पास 30 दिन से ज्यादा छुट्टियां बचती हैं, तो अतिरिक्त छुट्टियों का पैसा उसे दिया जाएगा।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी के पास साल के अंत में 45 दिन की छुट्टियां बची हैं, तो उसमें से 30 दिन अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड हो जाएंगे, जबकि बाकी 15 दिन का भुगतान कंपनी द्वारा किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को उनकी मेहनत का सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

नए लेबर कोड में कुछ और महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं। अगर किसी कर्मचारी ने छुट्टी के लिए आवेदन किया और उसे मंजूरी नहीं मिली, तो उस छुट्टी को 30 दिन की सीमा में नहीं गिना जाएगा। इसके अलावा, अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है, तो कंपनी को उसका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 48 घंटे के भीतर पूरा करना होगा।

एक और अहम बदलाव यह है कि पहले अर्जित छुट्टियों के हकदार बनने के लिए 240 दिन काम करना जरूरी था, लेकिन अब यह सीमा घटाकर 180 दिन कर दी गई है। यानी अब कर्मचारी कम समय में ही छुट्टियां अर्जित कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें नकद में बदल पाएंगे।

कुल मिलाकर, नए लेबर कोड के ये बदलाव कर्मचारियों के लिए राहत भरे हैं और इससे उन्हें आर्थिक और कार्यस्थल दोनों स्तर पर फायदा मिलेगा।

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