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Last Updated Apr - 08 - 2025, 11:49 AM | Source : Fela News
ट्रंप के टैरिफ फैसले से वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट आई है। भारतीय बाजार भी प्रभावित हुए, सेंसेक्स और निफ्टी 10 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति और फेड चेयरमैन की चेतावनी के बाद, सोमवार को वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार में भी भारी गिरावट देखी गई। निवेशकों के करीब 19 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: ट्रंप की टैरिफ नीति से बढ़ी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
सोमवार, 7 अप्रैल को वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली का माहौल रहा, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल की चिंताजनक टिप्पणी ने बाजारों को झकझोर कर रख दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी 10 महीने के निचले स्तर पर
बीएसई सेंसेक्स 2,564.74 अंक की गिरावट के साथ 72,799.95 पर बंद हुआ।
एनएसई निफ्टी50 831.95 अंक टूटकर 22,072.50 पर बंद हुआ।
यह दोनों सूचकांकों के लिए करीब 10 महीनों में सबसे निचला स्तर है। इसके साथ ही बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया।
सभी सेक्टर्स में बिकवाली, स्मॉल और मिडकैप सबसे ज्यादा पिटे
इस बार की गिरावट केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही। सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 10% की गिरावट
मिडकैप स्टॉक्स में 7.3% की गिरावट
कुछ प्रमुख स्टॉक्स की गिरावट:
टाटा स्टील: 11.25%
टाटा मोटर्स: 8.24%
टेक महिंद्रा: 6.70%
यह गिरावट दर्शाती है कि इस बार न तो कोई सेक्टर और न ही कोई मजबूत शेयर निवेशकों की घबराहट से बच पाया।
अमेरिकी फेड चेयरमैन का बयान बना गिरावट का मुख्य कारण
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि ट्रंप के टैरिफ "उम्मीद से कहीं अधिक बड़े" हैं और इससे महंगाई और आर्थिक विकास पर बड़ा असर पड़ सकता है। यह बयान बाजार में डर का माहौल पैदा करने के लिए पर्याप्त था, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले ही अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
वैश्विक बाजारों का हाल
भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, एशिया और यूरोप के बाजारों में भी जोरदार गिरावट देखी गई:
Nasdaq: अपने हालिया उच्चतम स्तर से 20% गिरावट के साथ Bear Market में प्रवेश
जापान का Nikkei 225: 6.5% की गिरावट
MSCI Asia ex-Japan Index: 6.8% की गिरावट
आगे की रणनीति: 'Wait and Watch'
विशेषज्ञों और निवेशकों ने अब 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपनाने का रुख किया है। जब तक यह स्पष्ट नहीं होता कि टैरिफ का वैश्विक व्यापार और मुद्रास्फीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों ने वैश्विक बाजारों में एक नई अनिश्चितता की लहर पैदा कर दी है। भारतीय बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और लॉन्ग टर्म पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।