Last Updated May - 05 - 2026, 12:21 PM | Source : Fela News
Stock Market Today: पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बीच शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव दिखा. शुरुआती झटके के बाद बाजार संभला जरूर, लेकिन सेंसेक्स और निफ्टी अब भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए.
Share Market Today on May 5: पांच राज्यों के चुनावी नतीजों और वैश्विक तनाव के बीच आज भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 420 अंक से ज्यादा टूट गया था, लेकिन बाद में कुछ रिकवरी आई. इसके बावजूद बाजार अभी भी लाल निशान में बना हुआ है. निवेशकों में मिडिल ईस्ट संकट, महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये को लेकर चिंता साफ नजर आ रही है.
शुरुआती झटके के बाद बाजार ने दिखाई रिकवरी
सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली हावी रही. बीएसई सेंसेक्स 420 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया था, लेकिन धीरे-धीरे खरीदारी लौटने से गिरावट कुछ कम हुई. फिलहाल सेंसेक्स 152.22 अंक नीचे कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी भी शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए करीब 51 अंकों की गिरावट के साथ 24,067 के आसपास बना हुआ है.
आज बाजार क्यों टूटा?
1. मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने दुनियाभर के निवेशकों को डरा दिया है. युद्ध जैसे हालात बनने की आशंका से बाजार में जोखिम लेने का मूड कमजोर पड़ा.
2. कच्चे तेल की कीमतें बनीं चिंता
वैश्विक अनिश्चितता के बीच क्रूड ऑयल महंगा बना हुआ है. महंगा तेल मतलब भारत के लिए बढ़ती आयात लागत और महंगाई का खतरा, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा.
3. रुपये में ऐतिहासिक कमजोरी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 95.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. कमजोर रुपये से विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाता है और बिकवाली बढ़ती है.
एशियाई बाजारों में भी सतर्कता
एशिया के ज्यादातर बाजारों में आज सावधानी का माहौल दिखा. चीन और जापान के बाजार बंद रहे, जबकि बाकी इंडेक्स में सीमित हलचल रही. वैश्विक निवेशक फिलहाल किसी बड़े दांव से बचते दिख रहे हैं.
अमेरिकी बाजार भी दबाव में बंद
सोमवार को अमेरिकी बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज हुई. डॉव जोन्स 557 अंक टूटा, जबकि S&P 500 और नैस्डैक भी फिसलकर बंद हुए. इसका असर आज भारतीय बाजार की ओपनिंग पर साफ पड़ा.
तेल बाजार में बना हुआ है डर
हालांकि सुबह क्रूड में हल्की नरमी दिखी, लेकिन ईरान से जुड़े ड्रोन हमले की खबरों ने ऊर्जा बाजार में घबराहट बढ़ा दी. यही वजह है कि निवेशक अभी भी सतर्क हैं.
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
फिलहाल बाजार पूरी तरह खबरों के भरोसे चल रहा है. अगर मिडिल ईस्ट तनाव कम होता है और रुपये में स्थिरता आती है तो रिकवरी तेज हो सकती है, लेकिन फिलहाल उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने के आसार हैं.
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