Last Updated May - 12 - 2026, 11:06 AM | Source : Fela News
Share Market Updates: शेयर बाजार में भारी बिकवाली से निवेशकों में हड़कंप मच गया है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है.
Share Market Today on May 12: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली. बाजार खुलते ही निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए. लगातार दूसरे दिन आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है. वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी बाजारों की अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है.
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 326 अंक टूटकर 75,688 के स्तर पर खुला. वहीं एनएसई का निफ्टी भी 93 अंकों की गिरावट के साथ 23,723 के लेवल पर कारोबार शुरू करता दिखा. शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के कई बड़े शेयरों में दबाव बना रहा.
एशियाई बाजारों में दिखी मजबूती
भारतीय बाजार भले ही दबाव में दिखा, लेकिन मंगलवार को एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में भी 0.54 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.
दक्षिण कोरिया का बाजार भी मजबूत बना रहा. कोस्पी इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया, जबकि कोस्डैक में 0.62 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली. ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग सपाट कारोबार करता रहा.
अमेरिकी बाजारों ने बनाया रिकॉर्ड
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार मजबूती के साथ बंद हुए थे. S&P 500 इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7412.84 पर बंद हुआ. वहीं Nasdaq Composite भी 0.1 प्रतिशत चढ़कर 26,274.13 पर पहुंच गया. दोनों इंडेक्स ने कारोबार के दौरान नया रिकॉर्ड हाई बनाया.
Dow Jones Industrial Average में भी बढ़त दर्ज की गई और यह 95 अंकों की तेजी के साथ 49,704.47 पर बंद हुआ. अमेरिकी बाजारों की मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में दबाव बना हुआ है.
डॉलर और रुपये पर क्या असर?
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) मंगलवार सुबह 0.07 प्रतिशत चढ़कर 98.01 पर पहुंच गया. डॉलर की मजबूती का असर उभरते बाजारों की करेंसी पर भी देखने को मिल रहा है. हालांकि सोमवार को भारतीय रुपया 0.83 प्रतिशत मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.31 पर बंद हुआ था.
कच्चे तेल ने बढ़ाई टेंशन
शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का माना जा रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव खत्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान के बाद निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है.
ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी करीब 99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ा, तो इसका असर भारतीय बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों पर दिखाई दे सकता है.
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