Last Updated May - 11 - 2026, 12:56 PM | Source : Fela News
Share Market Updates: शेयर बाजार में आज भारी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गया. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सेंसेक्स-निफ्टी में तेज बिकवाली देखने को मिली.
Share Market Today on May 11: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की रिकॉर्ड कीमतों और रुपये की कमजोरी ने बाजार पर बड़ा दबाव बना दिया है. सोमवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज बिकवाली देखने को मिली और गिरावट का दायरा लगातार बढ़ता गया.
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
फिलहाल बीएसई सेंसेक्स 1047 अंक यानी 1.35 प्रतिशत टूटकर 76,280 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 301 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,852 के स्तर पर बना हुआ है. शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों के बीच घबराहट साफ दिखाई दी. सेंसेक्स 690 अंकों की गिरावट के साथ 76,638 पर खुला था, जबकि निफ्टी 206 अंक फिसलकर 23,970 पर पहुंच गया था.
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
आज बाजार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बड़ी कमजोरी देखने को मिली. टॉप लूजर्स में Titan, SBI और IndiGo शामिल रहे. टाइटन के शेयर में 6.06 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई. वहीं SBI में 2.80 प्रतिशत और IndiGo के शेयर में 2.84 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली. बाजार में बिकवाली का दबाव लगभग सभी सेक्टर्स में नजर आया.
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
भारतीय रुपया भी आज दबाव में दिखा और पहली बार 95.62 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. रुपये की कमजोरी से विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है. कमजोर रुपये का सीधा असर आयात लागत पर पड़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है.
क्यों टूटा शेयर बाजार?
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मानी जा रही हैं. ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर दबाव बढ़ सकता है. तेल महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ सकता है.
इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव, सप्लाई चेन बाधित होने और इन्वेंट्री घटने की खबरों ने भी निवेशकों को डरा दिया है. वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर डॉलर और सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की तरफ बढ़ रहे हैं.
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोप्सी बढ़त में रहे, जबकि ऑस्ट्रेलिया का बाजार गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा. वहीं अमेरिकी बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला, हालांकि शुक्रवार को अमेरिकी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए थे.
कच्चे तेल में उबाल जारी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सीधे तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है. सोमवार को WTI क्रूड 99 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 104.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो बाजार में आगे भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
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