Last Updated Jun - 08 - 2026, 12:35 PM | Source : Fela News
Stock Market Updates: हफ्ते की शुरुआत बाजार के लिए रही बेहद खराब। सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक टूटकर खुला, जबकि निफ्टी भी 286 अंक फिसल गया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों को भारी नुकसान हुआ और बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिखा।
Share Market Today on June 8: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 821 अंक टूटकर 73,421 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी-50 286 अंक लुढ़ककर 23,080 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के लगभग सभी शेयर नुकसान में दिखाई दिए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बड़ी गिरावट
सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए, जिससे छोटे निवेशकों को भी बड़ा झटका लगा।
क्यों टूटा शेयर बाजार?
1. ईरान-इजरायल तनाव से बढ़ी चिंता
ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए ताजा मिसाइल हमलों ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।
2. कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसी वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ीं और घरेलू बाजार में तेल 8,600 रुपये के पार निकल गया। महंगा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
3. एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट
भारतीय बाजार खुलने से पहले एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 8 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि जापान का निक्केई 4.2 प्रतिशत फिसल गया। इन कमजोर संकेतों का सीधा असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
एशियाई बाजारों में हड़कंप
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 8 प्रतिशत से अधिक गिर गया, जिससे टेक और चिप कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। जापान का निक्केई भी करीब 2,780 अंक टूटकर 63,804 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 1.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
अमेरिकी बाजारों पर भी दबाव
ईरान-इजरायल तनाव का असर अमेरिकी बाजारों पर भी देखने को मिला। डॉव जोन्स फ्यूचर्स 124 अंक टूटे, जबकि S&P 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
इसके अलावा अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। मई में उम्मीद से ज्यादा नौकरियां बढ़ने के बाद अब फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। इसी कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.5 प्रतिशत के पार पहुंच गई।
कच्चे तेल और डॉलर में तेजी
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2.16 प्रतिशत बढ़कर 92.50 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखा।
दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के आसपास बना हुआ है। भारतीय रुपया भी दबाव में है और हालिया कारोबार में डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
वैश्विक तनाव, महंगे कच्चे तेल और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की जरूरत है।
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