Last Updated Jan - 10 - 2026, 01:37 PM | Source : Fela news
चीन का असर कमजोर, मजबूत फंडामेंटल और बेहतर ऑर्डर बुक के दम पर एक्सपर्ट्स इस सरकारी कंपनी पर भरोसा जता रहे हैं।
सरकारी कंपनी बीएचईएल के शेयर को लेकर एक बार फिर बाजार में चर्चा तेज हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में इस स्टॉक में करीब 38 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल सकती है। खास बात यह है कि चीन से जुड़े जोखिम को लेकर जो चिंता जताई जा रही थी, उसे विशेषज्ञ अब ज्यादा असरदार नहीं मान रहे हैं।
मार्केट जानकारों के मुताबिक, बीएचईएल की ऑर्डर बुक लगातार मजबूत हो रही है। पावर, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी को नए प्रोजेक्ट मिल रहे हैं, जिससे भविष्य की कमाई को लेकर भरोसा बढ़ा है। सरकार की तरफ से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और पावर सेक्टर पर जोर भी बीएचईएल के लिए बड़ा सपोर्ट माना जा रहा है।
कुछ निवेशकों को यह चिंता थी कि चीन से आने वाले उपकरण और ग्लोबल सप्लाई चेन का असर बीएचईएल के बिजनेस पर पड़ सकता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी अब पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर हो चुकी है। लोकल सोर्सिंग और टेक्नोलॉजी पर फोकस की वजह से चीन का प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है।
बीएचईएल के फाइनेंशियल्स में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। घाटे से निकलकर मुनाफे की ओर बढ़ती कंपनी की तस्वीर निवेशकों को आकर्षित कर रही है। लागत नियंत्रण और बेहतर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन से मार्जिन में भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
स्टॉक मार्केट के जानकारों का कहना है कि मौजूदा स्तर पर यह शेयर लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए दिलचस्प हो सकता है। उनका मानना है कि अगर बाजार का माहौल बहुत ज्यादा नहीं बिगड़ा, तो आने वाले महीनों में बीएचईएल के शेयर में अच्छा अपसाइड देखने को मिल सकता है। इसी आधार पर कुछ एक्सपर्ट्स ने इसमें करीब 38 फीसदी तक की तेजी का टारगेट बताया है।
हालांकि, यह भी साफ किया जा रहा है कि शेयर बाजार में जोखिम हमेशा रहता है। सरकारी नीतियों में बदलाव या बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी जैसे फैक्टर स्टॉक पर असर डाल सकते हैं। इसलिए निवेश से पहले अपने स्तर पर जानकारी और सलाह जरूरी मानी जाती है।
कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीएचईएल में दम है और चीन से जुड़ी चिंताएं फिलहाल इस स्टॉक की रफ्तार रोकने वाली नहीं दिख रही हैं। यही वजह है कि बाजार में इस दिग्गज शेयर को लेकर एक बार फिर उम्मीदें बढ़ने लगी हैं।