Last Updated Feb - 16 - 2026, 04:32 PM | Source : Fela News
भारतीय रेलवे में लोको पायलट को वेतन के साथ कई भत्ते मिलते हैं। पद और अनुभव के अनुसार सैलरी बढ़ती है, साथ ही आवास और यात्रा सुविधाएं भी दी जाती हैं।
भारतीय रेलवे में ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट की नौकरी जिम्मेदारी और तकनीकी कौशल से जुड़ी मानी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार इस पद पर नियुक्त कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन और विभिन्न भत्तों का लाभ मिलता है। लोको पायलट के वेतन की संरचना उनके पद, अनुभव और ग्रेड के अनुसार तय होती है।
बताया जा रहा है कि असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) का शुरुआती बेसिक पे लगभग 19,900 रुपये होता है। वहीं अनुभव और प्रमोशन के बाद सीनियर लोको पायलट का बेसिक वेतन काफी अधिक हो जाता है। कुल सैलरी में महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस और अन्य भत्ते जुड़ने के बाद मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
सूत्रों के मुताबिक लोको पायलट को रनिंग अलाउंस भी दिया जाता है, जो ट्रेन चलाने के दौरान तय दूरी और समय के आधार पर मिलता है। इसके अलावा नाइट ड्यूटी अलाउंस, ट्रैवलिंग अलाउंस और ओवरटाइम से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं। प्रशासन का कहना है कि रेलवे कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा और पेंशन जैसी योजनाओं का भी लाभ दिया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार रेलवे कर्मचारियों को परिवार सहित मेडिकल सुविधाएं, रेलवे अस्पतालों में इलाज और पास या कंसेशन टिकट जैसी यात्रा सुविधाएं भी मिलती हैं। इसके अलावा कई मामलों में सरकारी आवास या हाउस रेंट अलाउंस का विकल्प दिया जाता है।
इस बीच प्रमोशन के साथ वेतन में वृद्धि होती है और लोको पायलट सीनियर पदों तक पहुंच सकते हैं। अनुभव बढ़ने पर जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं, जिसमें लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन शामिल होता है।
बताया जा रहा है कि रेलवे में लोको पायलट की नौकरी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसमें लगातार सतर्कता और तकनीकी दक्षता जरूरी होती है। वहीं दूसरी ओर वेतन और सुविधाओं के कारण यह नौकरी युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।
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