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ईडी के अफसरों की ताकत कहां से आती है

ईडी के अफसरों की ताकत कहां से आती है

Last Updated Jan - 17 - 2026, 03:22 PM | Source : Fela News

नेताओं, कारोबारियों और फिल्मी सितारों के घर छापे मारने वाली ईडी के अफसर कैसे बनते हैं, उनकी भर्ती और ताकत का रास्ता क्या होता है, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में
ईडी के अफसरों की ताकत कहां से आती है
ईडी के अफसरों की ताकत कहां से आती है

जब भी किसी बड़े नेता, उद्योगपति या नामी चेहरे के घर ईडी की रेड की खबर आती है, तो सबसे पहले यही सवाल उठता है कि आखिर ये अफसर कौन होते हैं और इन्हें इतनी बड़ी कार्रवाई का अधिकार कैसे मिलता है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी भारत की एक अहम जांच एजेंसी है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा से जुड़े मामलों की जांच करती है।

ईडी में सीधे किसी आम भर्ती परीक्षा के जरिए अफसर नहीं बनते। यहां अफसरों की नियुक्ति ज्यादातर दूसरी सरकारी सेवाओं से डेप्युटेशन के जरिए होती है। यानी जो अफसर पहले से ही केंद्र सरकार की किसी सेवा में होते हैं, वही ईडी में आते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या आईआरएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अफसरों की होती है।

ईडी के जांच अधिकारी आमतौर पर आयकर विभाग, कस्टम्स, जीएसटी या पुलिस सेवाओं से आते हैं। इन अफसरों को पहले से ही जांच, छापेमारी और कानूनी प्रक्रिया का अनुभव होता है। ईडी में आने के बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून यानी PMLA के तहत काम करने की ट्रेनिंग दी जाती है।

ईडी के अफसरों की ताकत PMLA कानून से आती है। इस कानून के तहत उन्हें किसी भी व्यक्ति से पूछताछ करने, दस्तावेज जब्त करने, संपत्ति अटैच करने और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी का अधिकार मिलता है। यही वजह है कि ईडी की कार्रवाई को काफी गंभीर माना जाता है।

जो युवा ईडी में काम करने का सपना देखते हैं, उनके लिए रास्ता थोड़ा लंबा है। पहले उन्हें यूपीएससी या अन्य केंद्रीय परीक्षाओं के जरिए आईआरएस, आईपीएस या किसी अन्य सेवा में जाना होता है। इसके बाद अनुभव और रिकॉर्ड के आधार पर ईडी में डेप्युटेशन का मौका मिलता है।

ईडी के अफसरों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है, क्योंकि उनके हर कदम पर कानूनी और राजनीतिक नजर रहती है। एक छोटी सी चूक भी पूरे मामले को कमजोर कर सकती है। इसलिए इन अफसरों का चयन सोच-समझकर किया जाता है।

कुल मिलाकर, ईडी के अफसर बनना आसान नहीं है। इसके पीछे सालों की तैयारी, अनुभव और कानून की गहरी समझ होती है। यही वजह है कि जब ये अफसर किसी बड़ी हस्ती के दरवाजे पर पहुंचते हैं, तो मामला अपने आप सुर्खियों में आ जाता है।

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