Last Updated Apr - 01 - 2025, 11:50 AM | Source : Fela News
"लापता लेडीज़" की ऑस्कर एंट्री विवादों में घिरी हुई है, जब प्लेज़रिज़्म के आरोप सामने आए। इससे फिल्म पर बहस तेज हो गई, और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
किरण राव की फिल्म लापता लेडीज़ को 2025 ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है, लेकिन यह चयन विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर कई नेटिज़न्स और फिल्म समीक्षकों ने फिल्म की मौलिकता पर सवाल उठाए हैं, जिससे यह बहस तेज हो गई है कि क्या यह फिल्म अन्य पूर्व-निर्मित कहानियों से प्रेरित है।
पुरानी फिल्मों से समानता के आरोप
आलोचकों का कहना है कि लापता लेडीज़ की कहानी 2019 की शॉर्ट फिल्म बुर्का सिटी और अनंत महादेवन की घूंघट के पट खोल से मिलती-जुलती है। इन दोनों फिल्मों में भी महिलाओं की पहचान को लेकर हास्यपूर्ण भ्रम की स्थिति बनाई गई थी—एक में बुर्के के कारण तो दूसरी में घूंघट की वजह से। इसी आधार पर लोग लापता लेडीज़ पर बिना श्रेय दिए प्रेरणा लेने का आरोप लगा रहे हैं।
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की ऑस्कर सिफारिश पर भी विवाद
इस विवाद को और भी बढ़ावा तब मिला जब फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने लापता लेडीज़ को ऑस्कर के लिए भेजने की सिफारिश करते हुए भारतीय महिलाओं के बारे में एक ऐसा बयान दिया, जिसे कई लोगों ने आपत्तिजनक और संकीर्ण सोच वाला बताया। ट्विटर और रेडिट जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर इस पर व्यापक बहस छिड़ गई।
ग्रोकAI ने दी सफाई
हालांकि, AI प्लेटफॉर्म GrokAI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लापता लेडीज़ को बुर्का सिटी से कॉपी किया गया कहना गलत है। दोनों फिल्मों की थीम ‘गलत पहचान’ पर आधारित है, लेकिन उनकी सेटिंग और प्लॉट पूरी तरह अलग हैं—लापता लेडीज़ ग्रामीण भारत की कहानी कहती है, जहां घूंघट के कारण महिलाओं की पहचान को लेकर भ्रम होता है, जबकि बुर्का सिटी में यह थीम मध्य पूर्वी समाज से जुड़ी है। हालांकि, घूंघट के पट खोल से समानता के आरोपों को ज़्यादा ठोस बताया गया है।
इन विवादों के बावजूद, लापता लेडीज़ को ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय मंच पर कैसा प्रदर्शन करती है और क्या यह आरोप फिल्म की प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हैं या नहीं।
Jun - 11 - 2026
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