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7 दिन गर्म पानी संग मलासन: जानें क्या असर और फायदे

7 दिन गर्म पानी संग मलासन: जानें क्या असर और फायदे

Last Updated Nov - 22 - 2025, 03:31 PM | Source : Fela News

कई वेलनेस एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सिर्फ 7 दिन तक गर्म पानी पीकर मलासन करने से उनकी सुबहें बदल गईं. उनके मुताबिक इससे कमर और हिप्स की जकड़न कम हुई, पाचन सुधरा और
7 दिन गर्म पानी संग मलासन
7 दिन गर्म पानी संग मलासन

सुबह कैसे शुरू होती है, इसका असर पूरे दिन की एनर्जी और फोकस पर पड़ता है. इसी वजह से एक नया आसान मॉर्निंग रूटीन काफी ट्रेंड कर रहा हैगर्म पानी पीकर मलासन में बैठना. एक्सपर्ट्स और कई लोग दावा कर रहे हैं कि यह कॉम्बिनेशन सिर्फ एक हफ्ते में शरीर में बड़े बदलाव ला सकता है. लेकिन कई लोगों को अभी भी शक है कि क्या गर्म पानी और स्क्वॉटिंग सच में इतना असर करते हैं. चलिए जानते हैं कि अगर 7 दिन तक रोज सुबह गर्म पानी के साथ मलासन करें, तो क्या फायदे मिलते हैं.

मलासन और गर्म पानी क्यों फायदेमंद?

कई वेलनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ 7 दिनों तक गर्म पानी पीकर मलासन करने से उनकी सुबहें काफी बेहतर हुईं. इससे कमर और हिप्स की जकड़न कम हुई, पाचन सुधरा, ब्लोटिंग कम हुई और दिमाग शांत व फोकस्ड महसूस हुआ. कुछ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि गर्म पानी और मलासन का कॉम्बो बिना डाइट बदले या भारी वर्कआउट किए क्रेविंग्स कंट्रोल करने और एनर्जी बढ़ाने में मदद करता है.

साइंटिफिकली कैसे काम करता है?

एनआईएच की एक रिसर्च बताती है कि मलासन (स्क्वॉटिंग) में बैठने से एनोरेक्टल एंगल सीधा हो जाता है, जिससे मल त्याग आसान होता है. वहीं एक स्टडी के अनुसार 200 मिली गर्म पानी पीने से आंतों की मूवमेंट तेज होती है, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्पैम कम होते हैं और पाचन तंत्र एक्टिव हो जाता है.

पानी + मलासन का डबल असर

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह कॉम्बिनेशन इसलिए असरदार है क्योंकि मलासन शरीर की पोजिशनिंग ठीक करता है, जबकि गर्म पानी अंदर से आंतों को सक्रिय करता है. दोनों मिलकर डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं. हालांकि इस रूटीन पर लंबी रिसर्च नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती स्टडीज इसके फायदे संकेत करती हैं.

यह रूटीन कैसे शुरू करें?

  • सबसे पहले गर्म पानी पिएं.
  • फिर पैरों को थोड़ा फैलाकर खड़े हों.
  • धीरे-धीरे स्क्वॉट की पोज़ बनाएं और एड़ियां जमीन पर रखें.
  • रीढ़ सीधी और छाती खुली रखें.
  • 30 सेकंड से 1 मिनट तक इसी मुद्रा में आराम से सांस लें.
  • यह पोजिशन पाचन और शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी के लिए अच्छी मानी जाती है.

लेकिन जिन लोगों को घुटने, कूल्हे, टखने या लोअर बैक में दर्द रहता है, उन्हें यह रूटीन नहीं करना चाहिए.

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