Last Updated Nov - 25 - 2025, 03:21 PM | Source : Fela News
शुभम जायसवाल का ₹100 करोड़ कोडीन कफ सिरप तस्करी नेटवर्क कई राज्यों और देशों तक फैला हुआ।
Shubham Jaiswal नाम का कारोबारी अब उत्तर प्रदेश-झारखंड-बंगाल तक फैले एक बड़े कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी नेटवर्क के मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। यह नेटवर्क फर्जी फर्मों, नकली बिलिंग, गोदामों और अंतर-राज्यीय व विदेशों को सप्लाई जैसी व्यवस्था से संचालित हो रहा था।
खुद जाल से कहानी यह है कि शुभम ने वारणसी और गाजियाबाद को अपना केंद्र बनाया। उनके पिता Bhola Prasad की फर्में झारखंड के नाम पर चल रही थीं, जैसे ‘Shaili Traders’—जिसके जरिए लाखों बोतलें कोडीन मिश्रित कफ सिरप की सप्लाई हुई।
पुलिस और ड्रग निरीक्षण टीम ने बताया कि लगभग 89 लाख बोतलें, जिसकी कीमत लगभग ₹100 करोड़ दर्ज की गई है, 2023 से 2025 के बीच तस्करी हुई थीं।
गोदामों में यह सिरप आम सामान के बीच छिपा हुआ था: गाजियाबाद में ट्रक से 1 लाख से ज्यादा बोतलें जब्त हुईं, जिनमें सामान सिमेंट के बोरे, चावल के थैले आदि के बीच छुपाई गई थीं।
नकली फर्मों की संख्या भी बड़ी है, जांच में तय हुआ कि 6 से ज्यादा कंपनियाँ सिर्फ कागजों पर मौजूद थीं, मालिक नहीं, पता नहीं।
किस तरह काम करता था यह नेटवर्क: पहले हिमाचल प्रदेश की एक फैक्ट्री से सिरप मंगाई जाती थी, फिर गाजियाबाद के गोदामों में जमा, फर्जी बिलिंग व ई-वे बिलों के ज़रिए अन्य राज्यों और बाद में बांग्लादेश-नेपाल तक सप्लाई होती थी।
उधर, फर्जी फर्मों व फर्जी लाइसेंस के सहारे यह बड़ी तस्करी संभव हुई। ड्रग नियंत्रण विभाग ने बताया कि 37 लाख से अधिक बोतलें लगभग ₹57 करोड़ के मूल्य में सिर्फ एक हिस्से की संख्या थी।
अब तक दर्ज एफआईआर की संख्या कम-से-कम 5 है, गाजियाबाद, वाराणसी, सोनभद्र और अन्य जिलों में। शुभम जायसवाल फिलहाल फरार है और उसके दुबई भागने के संकेत हैं।
यह मामला सिर्फ एक तस्करी का खुलासा नहीं बल्कि संकेत है कि नशे की बड़ी मांग, फर्जी औषधि फर्मों का नेटवर्क और कमजोर नियंत्रण-प्रक्रियाएँ मिलकर कैसे व्यापक संकट उत्पन्न कर रही हैं। आगे भी इसकी जाँच जारी है।