Last Updated Oct - 10 - 2025, 04:10 PM | Source : Fela News
Depression in Youth: एक स्टडी में पता चला है कि भारत में करीब 70% युवा तनाव में हैं और 60% से ज्यादा छात्र डिप्रेशन के लक्षणों से गुजर रहे हैं।
Depression in Youth: आज के समय में भारत का युवा करियर और पढ़ाई के दबाव में इतना उलझ चुका है कि मानसिक थकान, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। बढ़ते मुकाबले, अच्छे नंबर लाने का दबाव और असफलता का डर युवाओं का मानसिक संतुलन बिगाड़ रहा है
एक हालिया रिसर्च में सामने आया है कि भारत में करीब 70% युवा तनाव और चिंता से जूझ रहे हैं, जबकि 60% से ज्यादा छात्रों में डिप्रेशन के लक्षण दिखे हैं। आइए जानते हैं इस अध्ययन के नतीजे और इसके पीछे की वजहें—
8 बड़े शहरों में हुआ सर्वे
यह शोध आंध्र प्रदेश के अमरावती में स्थित एसआरएम यूनिवर्सिटी और सिंगापुर यूनिवर्सिटी ने मिलकर किया। इसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और कोलकाता के करीब 2,000 छात्रों को शामिल किया गया।
इनकी उम्र 18 से 29 साल के बीच थी, जिनमें 52.9% महिलाएं और 47.1% पुरुष थे। सर्वे में पता चला कि 70% छात्र स्ट्रेस से परेशान हैं और 60% में डिप्रेशन के लक्षण हैं। कई छात्रों ने कहा कि लगातार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद और पढ़ाई का दबाव उन्हें भावनात्मक रूप से कमजोर बना रहा है।
मेंटल हेल्थ पर बातचीत जरूरी
रिसर्च में शामिल सिंगापुर यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों का कहना है कि पढ़ाई और समाज का दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित करता है। उनके अनुसार, ग्रेड और करियर की दौड़ में छात्र अपने भावनात्मक विकास को नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना बहुत जरूरी है।
भारत के प्रमुख संस्थान भी कर रहे कदम
अब भारत के कई बड़े संस्थान छात्रों की मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर हो गए हैं।