Last Updated Jul - 23 - 2025, 12:42 PM | Source : Fela News
मानसून में नमी और गंदगी से स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इस लेख में जानिए कुछ आसान उपाय, जिनसे आप अपनी त्वचा को सुरक्षित रख सकते हैं।
बरसात के मौसम में नमी और पसीना त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ावा देता है। यही वजह है कि इस मौसम में रिंगवर्म, खुजली और फोड़े-फुंसियां आम हो जाती हैं। समय रहते सावधानी बरतें, नहीं तो छोटी परेशानी बड़ी समस्या बन सकती है।
मानसून आते ही त्वचा संबंधी कई परेशानियाँ शुरू हो जाती हैं। गीले कपड़े, बंद जूते और पसीने से भरपूर नमी स्किन इंफेक्शन को जन्म देती है। इस मौसम में एथलीट्स फुट, रिंगवर्म, फोलिकुलाइटिस, हीट रैश और एरिथ्रास्मा जैसे संक्रमण आम हैं। इनमें सबसे ज़्यादा दिक्कत होती है खुजली, जलन और त्वचा पर लाल चकत्तों की।
इनसे बचने के लिए जरूरी है कि आप बारिश में भीगने के बाद तुरंत स्नान करें, शरीर को अच्छी तरह सुखाएं और सूती कपड़े पहनें। नमी से बचाव के लिए एंटी-फंगल पाउडर और हल्के साबुन का इस्तेमाल करें। पैरों को सूखा रखें और गीले जूते बार-बार न पहनें।
अगर त्वचा पर दो हफ्तों से ज़्यादा समय तक खुजली, सूजन या बदबू बनी रहे, तो घरेलू उपायों से ज्यादा देर न करें—सीधे डॉक्टर से मिलें। क्योंकि मानसून की छोटी लापरवाही कभी-कभी लंबे इलाज की वजह बन जाती है।