Last Updated Mar - 09 - 2026, 05:26 PM | Source : Fela News
Foamy Urine Kidney Disease: किडनी हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से गंदगी और अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकालती है। ऐसे में इसका स्वस्थ रहना जरूरी है। आइए जानते हैं कुछ आसान तरीके, जिनसे आप समझ सकते हैं कि आपकी किडनी ठीक से काम कर रही है या नहीं।
Early Warning Signs Of Kidney Disease You Should Not Ignore: आजकल किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि ज्यादातर लोगों को किडनी की समस्या का पता तब चलता है, जब तक उसे काफी नुकसान हो चुका होता है। दरअसल, किडनी की बीमारी अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती चरण में इसके साफ लक्षण दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि कई लोग इसे समय रहते पहचान नहीं पाते।
किडनी हमारे शरीर में कई अहम काम करती है। यह खून को साफ करके उसमें मौजूद गंदगी और विषैले पदार्थों को बाहर निकालती है। साथ ही शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में भी मदद करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किडनी से जुड़ी दिक्कत होने पर शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यूरिन में बदलाव
किडनी की समस्या का सबसे पहला संकेत पेशाब में बदलाव हो सकता है। अगर बार-बार पेशाब आ रहा है, खासकर रात में, या पहले की तुलना में कम पेशाब हो रहा है, तो यह किडनी से जुड़ी समस्या का इशारा हो सकता है। इसके अलावा यूरिन का रंग गहरा, धुंधला या झागदार भी दिख सकता है।
शरीर में सूजन
जब किडनी शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसकी वजह से पैरों, टखनों, हाथों या चेहरे पर सूजन आ सकती है। कई बार सुबह उठने पर आंखों के आसपास सूजन भी दिखाई देती है।
लगातार थकान और कमजोरी
किडनी सही तरह से काम न करे तो खून में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं। इससे व्यक्ति को लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। साथ ही किडनी से जुड़ा हार्मोन कम बनने के कारण एनीमिया की समस्या भी हो सकती है।
झागदार पेशाब
अगर पेशाब में साबुन जैसे झाग दिखाई दें और वे जल्दी खत्म न हों, तो यह पेशाब में प्रोटीन जाने का संकेत हो सकता है। इस स्थिति को प्रोटीनयूरिया कहा जाता है और यह किडनी के शुरुआती नुकसान की ओर इशारा करता है।
पेशाब के रंग में बदलाव
अगर पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या भूरे रंग का दिखाई दे, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसा किडनी इंफेक्शन, किडनी स्टोन या किडनी को हुए नुकसान की वजह से हो सकता है।
भूख कम लगना और मतली
जब शरीर में विषैले पदार्थ बढ़ जाते हैं, तो इसका असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। इससे भूख कम लग सकती है, मुंह में धातु जैसा स्वाद आ सकता है और कई बार मतली या उल्टी की समस्या भी हो सकती है।
मांसपेशियों में ऐंठन
किडनी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखती है। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो मांसपेशियों में बार-बार ऐंठन या दर्द महसूस हो सकता है।
त्वचा में खुजली और सांस लेने में परेशानी
किडनी खराब होने पर शरीर में मिनरल्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे त्वचा सूखी और खुजलीदार हो सकती है। वहीं कुछ मामलों में फेफड़ों में अतिरिक्त तरल जमा होने या एनीमिया की वजह से सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए। इससे किडनी की समस्या को शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सकता है।
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