Last Updated Aug - 19 - 2025, 04:31 PM | Source : Fela News
मध्यप्रदेश लगातार कुपोषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। लाखों रुपये के बजट के बावजूद हजारों मासूमों की ज़िंदगी खतरे में है।
शिवपुरी में हाल ही में 15 महीने की बच्ची की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। उसका वज़न सिर्फ 3.7 किलो था। इससे पहले श्योपुर में भी एक आदिवासी बच्चे की जान कुपोषण ने ले ली थी। आंकड़े बताते हैं कि स्थिति हर साल और बिगड़ रही है। 2020 से अब तक 85 हजार से ज्यादा बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती किया गया। अकेले 2024-25 में 20 हजार बच्चों का इलाज हुआ और इस साल के शुरुआती तीन महीनों में ही करीब 6 हजार नए मामले सामने आ चुके हैं।
राज्य सरकार का बजट बड़ा है, लेकिन हकीकत यह है कि अब भी 10 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा, बच्चों के लिए फंडिंग पर्याप्त नहीं है और परिवारों में जागरूकता की भी कमी है। यह हालात बताते हैं कि कुपोषण सिर्फ एक स्वास्थ्य समस्या नहीं बल्कि शासन और समाज दोनों की बड़ी चुनौती है।
Jun - 13 - 2026
Sleep Cycle For Women:आज की व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं अक्सर घर, नौकà¤... Read More
Jun - 01 - 2026
Early Symptoms Of Multiple Sclerosis In Young Adults: अक्सर लोग हाथ-पैरों में झनझनाहट, बाà¤... Read More
Jun - 01 - 2026
MasterChef Winner Pankaj Bhadouria Breast Cancer: मास्टरशेफ इंडिया सीजन 1 की विजेता और à¤... Read More