Fela News Lifestyle Header Banner

हाई-प्रोटीन डाइट सच में फायदेमंद या सिर्फ ट्रेंड का असर ?

हाई-प्रोटीन डाइट सच में फायदेमंद या सिर्फ ट्रेंड का असर ?

Last Updated Feb - 23 - 2026, 06:01 PM | Source : Fela News

सोशल मीडिया पर हाई-प्रोटीन डाइट का जबरदस्त क्रेज है, लेकिन क्या ज्यादा प्रोटीन लेना वाकई सेहत के लिए फायदेमंद है या यह सिर्फ ओवरहाइप है ? जानिए एक्सपर्ट की राय ।
हाई-प्रोटीन डाइट सच में फायदेमंद या सिर्फ ट्रेंड का असर ?
हाई-प्रोटीन डाइट सच में फायदेमंद या सिर्फ ट्रेंड का असर ?

आजकल "हाई-प्रोटीन” शब्द एक ट्रेंड बन चुका है। जिम जाने वाले युवाओं से लेकर वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों तक, हर कोई अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाने की बात कर रहा है। बाजार में भी हाई-प्रोटीन आटा, सीरियल, स्नैक बार और शेक्स की भरमार है। ऐसा लगता है जैसे ज्यादा प्रोटीन लेना ही फिटनेस का सबसे बड़ा मंत्र हो। लेकिन क्या सच में ऐसा है, या फिर यह एक ओवरहाइप्ड ट्रेंड है? 

सबसे पहले समझना जरूरी है कि प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बेहद अहम पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों की मरम्मत और निर्माण में मदद करता है, एंजाइम और हार्मोन बनाने में भूमिका निभाता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। 

जब हम प्रोटीन खाते हैं, तो शरीर उसे अमीनो एसिड में तोड़ देता है, जो कई जरूरी जैविक प्रक्रियाओं में काम आते हैं। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रोटीन हमारे शरीर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। 

हालांकि, हर किसी को एक जैसी मात्रा में प्रोटीन की जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोटीन की आवश्यकता उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। आमतौर पर 0.8 से 1.2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो शरीर वजन पर्याप्त माना जाता है। जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं या उम्रदराज हैं, उन्हें थोड़ी अधिक मात्रा की जरूरत हो सकती है। 

भारतीय आहार में अक्सर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा और प्रोटीन की मात्रा कम पाई जाती है। ऐसे में संतुलित रूप से प्रोटीन बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है। दूध, दही, पनीर, अंडा, दाल, राजमा, छोले, सोया और चिकन जैसे स्रोत अच्छे विकल्प हैं। पौध-आधारित प्रोटीन, जैसे दालें और बीन्स, हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर माने जाते हैं। 

लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब “ज्यादा प्रोटीन ज्यादा फायदा " जैसी सोच हावी हो जाती है। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर किडनी पर । जिन लोगों को पहले से किडनी संबंधी समस्या है, उनके लिए अत्यधिक प्रोटीन नुकसानदेह हो सकता है। 

साथ ही, अगर डाइट में सिर्फ प्रोटीन पर जोर दिया जाए और फाइबर, विटामिन व मिनरल्स की अनदेखी हो जाए, संबंधी दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं। 

प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट्स का अंधाधुंध इस्तेमाल भी जोखिम भरा हो सकता है, खासकर बिना डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के। हर शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए किसी ट्रेंड को देखकर डाइट बदलना समझदारी नहीं है। 

निष्कर्ष साफ है - प्रोटीन जरूरी है, लेकिन संतुलन उससे भी ज्यादा जरूरी है। हाई-प्रोटीन डाइट फायदेमंद हो सकती है, अगर वह आपकी जरूरत और जीवनशैली के अनुसार हो । फिटनेस का असली मंत्र "ज्यादा ” नहीं, बल्कि "सही मात्रा" है। 

यह भी पढ़े 

Chips and Soft Drink Health Risk: चिप्स और कोल्ड ड्रिंक की लत तंबाकू जितनी खतरनाक

Share :

Trending this week

देर रात तक जागने वाली महिलाएं हो जाएं सावधान

Jun - 13 - 2026

Sleep Cycle For Women:आज की व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं अक्सर घर, नौक... Read More

20-40 की उम्र में थकान और झनझनाहट?

Jun - 01 - 2026

Early Symptoms Of Multiple Sclerosis In Young Adults: अक्सर लोग हाथ-पैरों में झनझनाहट, बा... Read More

मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर

Jun - 01 - 2026

MasterChef Winner Pankaj Bhadouria Breast Cancer: मास्टरशेफ इंडिया सीजन 1 की विजेता और ... Read More