Last Updated Jan - 29 - 2026, 11:03 AM | Source : Fela News
Nipah Virus Surveillance: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद कई देशों ने अलर्ट जारी कर दिया है। ऐसे में जानना जरूरी है कि इस वायरस से जुड़े
Nipah Virus Cases Reported In West Bengal: भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस संक्रमण के मामलों की पुष्टि के बाद एशिया के कई देशों में स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर हैं। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि लगभग 100 लोगों को एहतियातन क्वारंटीन में रखा गया है। ये सभी संक्रमित मरीजों के करीबी संपर्क में आए थे। चिंता की बात यह है कि कई मामले अस्पतालों से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिससे हेल्थकेयर सिस्टम पर खतरा बढ़ गया है।
निपाह वायरस का केस फेटेलिटी रेट काफी ऊंचा माना जाता है, जो करीब 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकता है। यह कोविड-19 की तुलना में अधिक घातक है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल इसे अत्यधिक संक्रामक नहीं माना जा रहा है। यह वायरस हवा के जरिए नहीं फैलता। निपाह संक्रमण आमतौर पर संक्रमित चमगादड़ों के संपर्क, दूषित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीबी संपर्क से फैलता है। खासकर परिवारों और अस्पतालों में लंबे समय तक संपर्क में रहने से संक्रमण फैलने के मामले सामने आए हैं।
क्यों बढ़ रही है चिंता?
इस वायरस की इनक्यूबेशन अवधि आमतौर पर 5 से 14 दिनों की होती है, हालांकि कुछ मामलों में यह 21 दिन तक भी हो सकती है। यह अवधि काफी हद तक कोविड-19 जैसी मानी जाती है। कम संक्रामक होने के कारण फिलहाल बड़े स्तर पर सख्त प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं, लेकिन चीन और आसपास के देशों से नए मामलों की खबरों ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर नए साल के दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को देखते हुए।
एयरपोर्ट और बॉर्डर पर बढ़ी निगरानी
एशिया के कई देशों में ट्रैवल स्क्रीनिंग और हेल्थ मॉनिटरिंग फिर से शुरू कर दी गई है। थाईलैंड ने सुवर्णभूमि, डॉन मुआंग और फुकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू कर दी है। 25 जनवरी 2026 से तापमान जांच और स्वास्थ्य दस्तावेजों की स्कैनिंग की जा रही है।
इसी तरह नेपाल ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भारत से लगने वाले जमीनी बॉर्डर पर सख्त स्क्रीनिंग शुरू की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेपाल और ताइवान जैसे देशों में भी प्रभावित इलाकों से आने वाले यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और हेल्थ चेक अनिवार्य कर दिए गए हैं।
क्या है निपाह वायरस?
निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। यह मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों और सूअरों से जुड़ी होती है। दूषित भोजन और कुछ मामलों में व्यक्ति से व्यक्ति में भी संक्रमण फैल सकता है। WHO ने निपाह वायरस को उन प्राथमिक बीमारियों की सूची में रखा है, जो गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती हैं।
इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और गले में खराश शामिल हैं। गंभीर मामलों में मरीज को निमोनिया, बेहोशी या एन्सेफलाइटिस हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल न तो इसका कोई प्रभावी इलाज उपलब्ध है और न ही वैक्सीन।
यह भी पढ़े
Jun - 13 - 2026
Sleep Cycle For Women:आज की व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं अक्सर घर, नौकà¤... Read More
Jun - 01 - 2026
Early Symptoms Of Multiple Sclerosis In Young Adults: अक्सर लोग हाथ-पैरों में झनझनाहट, बाà¤... Read More
Jun - 01 - 2026
MasterChef Winner Pankaj Bhadouria Breast Cancer: मास्टरशेफ इंडिया सीजन 1 की विजेता और à¤... Read More