Last Updated Mar - 17 - 2026, 03:33 PM | Source : Fela News
Hormonal Imbalance Effects: अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कई लोग पिल का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन दवाइयों से कैंसर का खतरा बढ़ता है या यह सिर्फ एक भ्रम है? आइए जानते हैं इसकी सच्चाई।
Do Birth Control Pills Increase Cancer Risk: प्रेग्नेंसी रोकने वाली गोलियों को लेकर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इनके इस्तेमाल से कैंसर का खतरा बढ़ता है। गर्भनिरोधक गोलियां लंबे समय से उपयोग में हैं और ये शरीर के हार्मोन पर असर डालकर प्रेग्नेंसी को रोकती हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गर्भनिरोधक गोलियां मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं—कंबाइंड पिल, जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजन दोनों हार्मोन होते हैं, और मिनी पिल, जिसमें केवल प्रोजेस्टोजन होता है। ये दवाएं हार्मोनल बैलेंस को बदलकर काम करती हैं।
रिसर्च बताती है कि कंबाइंड पिल लेने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन यह जोखिम स्थायी नहीं होता। पिल बंद करने के कुछ साल बाद यह खतरा सामान्य हो जाता है। वहीं, लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर सर्वाइकल कैंसर से भी इसका हल्का संबंध देखा गया है, हालांकि इस पर अभी और अध्ययन की जरूरत है।
दिलचस्प बात यह है कि यही पिल कुछ कैंसर के जोखिम को कम भी कर सकती है। जैसे ओवेरियन और एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा घट सकता है और इसका फायदा पिल बंद करने के बाद भी बना रहता है।
मिनी पिल को लेकर जानकारी सीमित है, लेकिन अब तक के आंकड़ों के अनुसार इससे भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है, जो दवा बंद करने पर धीरे-धीरे कम हो जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, गर्भनिरोधक गोलियां लेना या न लेना व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत पर निर्भर करता है। इसलिए इन्हें लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। साथ ही, कैंसर का खतरा केवल पिल से नहीं, बल्कि धूम्रपान, मोटापा और शराब जैसी अन्य आदतों से भी प्रभावित होता है।
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