Last Updated Nov - 28 - 2025, 04:37 PM | Source : Fela News
Heart Failure Symptoms In Men: हार्ट की बीमारी तेजी से बढ़ रही है क्योंकि लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं. आइए जानते हैं कि कौन-सा ज़रूरी टेस्ट
Early Warning Signs Of Weak Heart: हार्ट की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन एक नई स्टडी के मुताबिक, गर्दन की एक साधारण स्कैनिंग—कैरेटिड अल्ट्रासाउंड—से पुरुषों में हार्ट फेलियर का शुरुआती खतरा पहचाना जा सकता है।
यह वही अल्ट्रासाउंड तकनीक है जो गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर 60 साल से ऊपर के पुरुषों को यह टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
स्टडी की प्रमुख रिसर्चर डॉ. एटिन्यूक अकिनमोलायन (UCL) बताती हैं कि
“कैरेटिड अल्ट्रासाउंड सुरक्षित, सस्ता और बिल्कुल बिना दर्द वाला टेस्ट है। हमारे नतीजे बताते हैं कि इससे हार्ट फेलियर का शुरुआती संकेत मिल सकता है।”
उनके अनुसार, अगर टेस्ट में जोखिम दिखता है तो मरीज समय रहते डॉक्टर से सलाह लेकर अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव कर हार्ट फेलियर का खतरा कम कर सकते हैं।
यह टेस्ट 15–30 मिनट में हो जाता है और इसमें गर्दन की धमनियों की लचक (फ्लेक्सिबिलिटी) जांची जाती है, जो दिमाग और चेहरे तक खून पहुंचाती हैं।
हार्ट अटैक क्यों बढ़ रहे हैं?
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के अनुसार, UK में करीब 9.2 लाख लोग हार्ट फेलियर के साथ जी रहे हैं।
उम्र बढ़ने और बीमारियों के कारण धमनियां सख्त होने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और दिल पर दबाव बढ़ता है—यही आगे चलकर हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाता है।
UCL की इस स्टडी में 1,631 पुरुषों को शामिल किया गया था। जिन पुरुषों की कैरेटिड धमनियों में सबसे कम लचक थी, उनमें हार्ट फेलियर का खतरा 2.5 गुना ज्यादा पाया गया।
स्टडी में क्या पता चला?
जिन पुरुषों की कैरेटिड आर्टरीज ज्यादा मोटी थीं, उनमें हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा था।
धमनियों की मोटाई हर 0.16 मिमी बढ़ने पर हार्ट अटैक का खतरा 29% बढ़ गया।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, धमनियों का सख्त होना इस बात का संकेत है कि दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है, जो आगे चलकर हार्ट फेलियर में बदल सकता है।
10 मिनट की एक और स्कैनिंग भी मददगार
UCL के एक और रिसर्च में दावा किया गया है कि 10 मिनट की स्कैनिंग से उन मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ने की असली वजह पता चल सकती है, जिनकी एड्रिनल ग्लैंड्स ज्यादा एल्डोस्टेरोन हार्मोन बनाती हैं। यह समस्या हाई BP वाले हर 4 में से 1 मरीज में पाई जाती है।
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