Last Updated Sep - 02 - 2025, 03:35 PM | Source : Fela News
पिछले कुछ सालों में कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। चलिए जानते हैं, पुरुषों और महिलाओं में कौन ज्यादा प्रभावित होता है और किस तरह का कैंसर सबसे आम है।
कैंसर का खतरा पुरुषों और महिलाओं में अलग होता है और यह सिर्फ शरीर की संरचना तक सीमित नहीं है। लाइफस्टाइल, हार्मोन, जीन और सामाजिक-आर्थिक स्थिति भी इसमें भूमिका निभाती हैं। भारत में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2015 से 2019 तक देश की 43 कैंसर रजिस्ट्री के आंकड़ों में 7.08 लाख नए केस और 2.06 लाख मौतें दर्ज हुईं। एक्सपर्ट के अनुसार 2024 में 15.6 लाख नए मरीज और 8.74 लाख मौतें हुईं।
कैंसर रजिस्ट्री क्या है?
यह एक सिस्टम है जो देशभर में नए कैंसर मरीजों, मौतों और ट्रेंड्स का रिकॉर्ड रखता है। भारत के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह काम कर रहा है।
महिलाओं में केस ज्यादा, मौतें कम
कैंसर के कुल मामलों में 51% महिलाएं हैं, लेकिन मौतें सिर्फ 45% हैं। इसका कारण यह है कि महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर जल्दी पकड़ में आ जाते हैं और इलाज जल्दी शुरू हो जाता है।
पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे आम
पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे ज्यादा पाया जा रहा है। शराब की बढ़ती खपत और देर से पहचान होने के कारण मौत का खतरा ज्यादा है।
पूर्वोत्तर भारत में खतरा ज्यादा
मिजोरम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कैंसर का खतरा लगभग दोगुना है। इसका कारण तंबाकू का ज्यादा सेवन, पारंपरिक खाना और कुछ इंफेक्शन हैं।
कैसे बचें?
WHO के अनुसार आधे कैंसर सही समय पर जांच, वैक्सीनेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर रोके जा सकते हैं।
हार्मोन और जेनेटिक कारण
महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन ब्रेस्ट और यूट्रस कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन प्रोस्टेट कैंसर को प्रभावित करता है। BRCA जीन म्यूटेशन भी महिलाओं में जोखिम बढ़ाता है।
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