Last Updated Feb - 07 - 2026, 11:43 AM | Source : Fela News
नोएडा में टीवी देखने पर मां की डांट से आहत 12 साल के बच्चे ने आत्महत्या कर ली। घटना ने डिजिटल लत, बच्चों की मानसिक संवेदनशीलता और अभिभावकीय सतर्कता पर गंभीर सवा
उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। नंगला चरणदास इलाके में 12 साल के एक बच्चे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि टीवी देखने को लेकर मां की डांट से वह इतना आहत हुआ कि उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। जब यह घटना हुई, उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था ।
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान अमित उर्फ गोलू के रूप में हुई है। वह छठी कक्षा का छात्र था। उसकी मां एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं और पिता से करीब पांच साल पहले तलाक हो चुका है। मां अकेले ही अपने दोनों बच्चों की परवरिश कर रही थीं।
परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, मां चाहती थीं कि बेटा पढ़-लिखकर आगे बढ़े, लेकिन अमित को टीवी और मोबाइल देखने की आदत लग गई थी।
घटना वाले दिन सुबह उसकी बड़ी बहन स्कूल चली गई थी। मां भी काम पर जाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने बेटे को टीवी देखते हुए देखा और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए डांट दिया। इसके बाद मां नौकरी के लिए निकल गईं। पुलिस का कहना है कि मां के घर से निकलने के कुछ समय बाद ही बच्चे ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी।
दोपहर में जब उसकी बहन स्कूल से लौटी, तो घर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
थाना फेस-2 के प्रभारी Avdhesh Kumar ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि किसी तरह के संघर्ष या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का कदम उठाना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। आज के दौर में बच्चे मोबाइल और टीवी की डिजिटल लत के शिकार हो रहे हैं। वे मानसिक रूप से काफी संवेदनशील होते हैं और छोटी-छोटी बातों को दिल पर लगा लेते हैं। कई बार वे अपने मन की बात किसी से साझा नहीं कर पाते, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं।
घटना के बाद नंगला चरणदास इलाके में सनसनी फैल गई। पड़ोसियों ने बताया कि अमित पढ़ाई में ठीक था, लेकिन टीवी और मोबाइल की लत उसके व्यवहार पर असर डाल रही थी। उसकी बड़ी बहन मोनी नौवीं कक्षा की छात्रा है और पढ़ाई में काफी होशियार मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अभिभावकों और समाज दोनों के लिए चेतावनी हैं। बच्चों पर अनुशासन जरूरी है, लेकिन संवाद और भावनात्मक समझ उससे भी ज्यादा अहम है। बच्चों की डिजिटल आदतों पर नजर रखने के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
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