Last Updated Jun - 05 - 2025, 10:54 AM | Source : Fela News
बागपत में परवेज मुशर्रफ के परिवार की 13 बीघा शत्रु संपत्ति नीलाम हुई। बाजार मूल्य से तीन गुना ज्यादा कीमत पर बिकी, प्रशासन ने नीलामी को बताया सफल।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कोताना गांव में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार से जुड़ी 13 बीघा शत्रु संपत्ति की नीलामी हुई। इस भूमि की ऑनलाइन नीलामी में कुल 1 करोड़ 38 लाख 16 हजार रुपये की बोली लगी, जो इसके निर्धारित मूल्य से तीन गुना से भी अधिक है।
यह संपत्ति 2010 में शत्रु संपत्ति घोषित की गई थी और इसे भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय द्वारा नीलाम किया गया। नीलामी में बागपत के पंकज ठेकेदार, मनीष गोयल और गाजियाबाद के जेके स्टील कंपनी के मालिक ने संयुक्त रूप से यह भूमि खरीदी। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, अब यह भूमि नए मालिकों के नाम पर दर्ज कर दी गई है।
इतिहास में यह भूमि परवेज मुशर्रफ के चाचा नूरू के नाम पर दर्ज थी, जो 1965 में पाकिस्तान चले गए थे। हालांकि, इस भूमि का परवेज मुशर्रफ से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन यह संपत्ति उनके परिवार से जुड़ी हुई मानी जाती है। इस नीलामी के साथ ही मुशर्रफ परिवार की भारत में आखिरी संपत्ति का भी अंत हो गया है।
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे ऐतिहासिक संबंधों का अंत मानते हुए इसे एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा, जबकि कुछ ने इसे विभाजन के समय के कड़वे अनुभवों की याद दिलाने वाला माना।
इस नीलामी के साथ ही बागपत जिले में विभाजन के समय से जुड़ी एक और कड़ी समाप्त हो गई है, और यह संपत्ति अब नए मालिकों के पास है।