Last Updated Mar - 31 - 2026, 03:57 PM | Source : Fela News
हैदराबाद में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ. पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 414 सिलेंडर और 11 वाहन जब्त किए, जो महंगे दामों पर बेच रहे थे.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में गैस की कमी की अफवाहों का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है. Hyderabad पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी लंबे समय से गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग कर भारी मुनाफा कमा रहे थे.
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पंजीगुट्टा इलाके में एक कब्रिस्तान को अपने अवैध कारोबार का ठिकाना बनाए हुए था. यहीं बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर छिपाकर रखे जाते थे, ताकि किसी को शक न हो. इसके अलावा, गिरोह शमशाबाद में एक गोदाम और अफजलगंज में एक ऑफिस से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था.
जांच में सामने आया है कि आरोपी गैस की कमी की अफवाह फैलाकर लोगों में डर पैदा कर रहे थे. खासकर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा था कि आने वाले समय में गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा. इसी का फायदा उठाकर वे करीब 2100 रुपये में मिलने वाले कमर्शियल सिलेंडर को 6000 रुपये तक में बेच रहे थे.
डीसीपी वैभव रघुनाथ के अनुसार, पुलिस की छापेमारी में कुल 414 गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 22 लाख रुपये आंकी गई है. इसके साथ ही 11 वाहनों को भी जब्त किया गया है, जिनका इस्तेमाल सिलेंडर ढोने में किया जा रहा था. इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद आमिर समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों में कुछ गैस डिलीवरी बॉय भी शामिल हैं, जो इस अवैध धंधे में मदद कर रहे थे.
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि यह गिरोह करीब डेढ़ साल से इस कारोबार में लगा हुआ था. आरोपी गैस एजेंसी के नाम पर कमर्शियल गैस की सप्लाई को डायवर्ट कर ब्लैक मार्केट में बेचते थे. गैस की कमी के डर से छोटे होटल, ढाबे और टिफिन सेंटर मजबूरी में उनसे महंगे दामों पर सिलेंडर खरीद रहे थे.
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि शहर में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है. लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और ब्लैक मार्केट से सिलेंडर न खरीदें. अगर कोई ज्यादा कीमत वसूलता है, तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें, ताकि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सके.
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