Last Updated Oct - 30 - 2025, 05:04 PM | Source : Fela News
JNU चुनाव में ABVP का बड़ा दांव, कैंपस में विचारधाराओं की जंग हुई और तेज। छात्र संगठनों में खींचतान बढ़ी, मुद्दों पर गरमाई बहस, मतदान को लेकर उत्साह चरम पर।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र संघ चुनाव का माहौल गर्म है, और इस बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का ऐलान किया है। संगठन ने अध्यक्ष और सचिव पद के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और कैंपस में मुद्दों की जंग तेज हो गई है।
ABVP ने इस बार राष्ट्रीयता, पारदर्शिता और छात्र कल्याण को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है। संगठन का कहना है कि पिछले वर्षों में वामपंथी संगठनों ने छात्र राजनीति को केवल विचारधारा की लड़ाई बना दिया, जबकि असली ज़रूरत है छात्रों की समस्याओं — जैसे हॉस्टल फीस, सुरक्षा, और रोजगारपरक शिक्षा — पर काम करने की।
जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए सोनाली चौहान और सचिव पद के लिए अभिषेक पांडे को उम्मीदवार बनाया गया है। दोनों उम्मीदवार कैंपस में सक्रिय छात्र नेताओं में से हैं और ABVP का दावा है कि वे “JNU में सकारात्मक बदलाव” लाने की क्षमता रखते हैं।
ABVP के कैंपेन में “कैंपस को वैचारिक नहीं, विकास का केंद्र बनाना” मुख्य नारा दिया गया है। संगठन का फोकस छात्र सुविधाओं के सुधार, महिला सुरक्षा और विश्वविद्यालय में “एकेडमिक न्यूट्रैलिटी” बहाल करने पर है। वहीं विरोधी दल इसे “राजनीतिक एजेंडा” बताकर ABVP पर कैंपस की आज़ादी पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं।
JNU छात्र संघ चुनाव हमेशा से देशभर में सुर्खियों में रहते हैं, क्योंकि यहां के परिणामों को राष्ट्रीय छात्र राजनीति की दिशा मानकर देखा जाता है। इस बार भी मुकाबला कड़ा है, और सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या ABVP वामपंथी गढ़ माने जाने वाले इस विश्वविद्यालय में नया इतिहास लिख पाएगी या नहीं।